देश के अग्रणी संस्थानों में से एक, आईआईटी मंडी ने शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए अपने अनूठे पाँच वर्षीय इंटीग्रेटेड एमबीए कार्यक्रम में प्रवेश की घोषणा की है। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को कक्षा 12 के तुरंत बाद प्रबंधन, डेटा साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के संगम को सीखने का एक विशेष अवसर प्रदान करता है। इस पाठ्यक्रम के माध्यम से छात्र बीबीए इन एनालिटिक्स (ऑनर्स) के साथ एमबीए इन डेटा साइंस एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की एकीकृत डिग्री प्राप्त कर सकेंगे।
इस कार्यक्रम की एक मुख्य विशेषता इसकी लचीली संरचना और बहु-स्तरीय निकास विकल्प हैं। विद्यार्थी तीन साल पूरे होने पर बीबीए, चार साल पर बीबीए ऑनर्स और पाँच साल का पूर्ण पाठ्यक्रम करने पर इंटीग्रेटेड एमबीए की डिग्री हासिल कर सकते हैं। अंतिम दो वर्षों में निरंतरता के लिए छात्रों को तीसरे वर्ष के अंत तक 10 में से न्यूनतम 5.00 सीजीपीए प्राप्त करना अनिवार्य होगा। पाठ्यक्रम में प्रबंधन के सिद्धांतों के साथ अत्याधुनिक एनालिटिक्स, सेमेस्टर-आधारित इंटर्नशिप और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए इन्क्यूबेशन इकोसिस्टम की सुविधाएं भी शामिल हैं।
प्रवेश के लिए पात्रता मानदंडों में जेईई (मेन) 2026 (पेपर-1) का स्कोर अनिवार्य है, जो जेईई (एडवांस्ड) 2026 की पात्रता के लिए निर्धारित कट-ऑफ के बराबर या उससे अधिक होना चाहिए। इसके साथ ही अभ्यर्थी ने कक्षा 12 में गणित और अंग्रेज़ी विषयों का अध्ययन किया हो और न्यूनतम 75 प्रतिशत अंक (एससी/एसटी/पीडब्ल्यूडी के लिए 65 प्रतिशत) प्राप्त किए हों। चयन प्रक्रिया में जेईई (मेन) के स्कोर को 70 प्रतिशत और व्यक्तिगत साक्षात्कार को 30 प्रतिशत का भारांक दिया जाएगा।
संस्थान ने इस शैक्षणिक वर्ष के लिए सीटों की संख्या बढ़ाकर 80 कर दी है। लैंगिक विविधता और समावेशिता को बढ़ावा देने के लिए इनमें से 20 प्रतिशत सुपरन्यूमेरेरी सीटें केवल छात्राओं के लिए आरक्षित रखी गई हैं। यह कार्यक्रम उन युवाओं के लिए एक मजबूत आधार तैयार करता है जो डेटा-आधारित भविष्य में नेतृत्वकारी भूमिका निभाना चाहते हैं।
