आवेदन में दिनांक 31 मई 2026 को गांधीनगर, भोपाल में प्रस्तावित कार्यक्रम की अनुमति निरस्त करने एवं कार्यक्रम को प्रतिबंधित किए जाने की मांग की गई।
आवेदनकर्ताओं ने कहा कि प्रस्तावित कार्यक्रम में आमंत्रित अतिथि टी. राजा सिंह के विरुद्ध पूर्व में विभिन्न राज्यों में विवादित भाषणों एवं साम्प्रदायिक सौहार्द प्रभावित करने के आरोपों को लेकर कई आपराधिक प्रकरण एवं FIR दर्ज हो चुकी हैं। आवेदन में उल्लेख किया गया कि ऐसे मामलों एवं पूर्व घटनाओं को देखते हुए भोपाल जैसे संवेदनशील शहर में इस प्रकार के आयोजन से सामाजिक तनाव एवं कानून व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका उत्पन्न हो सकती है।
आवेदन में प्रशासन से मांग की गई कि शहर की शांति, भाईचारे एवं गंगा-जमुनी तहजीब को ध्यान में रखते हुए उक्त कार्यक्रम की अनुमति तत्काल प्रभाव से निरस्त की जाए तथा आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाए।
यह आवेदन पुलिस आयुक्त, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, संबंधित पुलिस उपायुक्त एवं थाना गांधीनगर को प्रस्तुत किया गया।
ज्ञात हो की 31 मई 2026 को टी राजा सिंह के भोपाल आगमन पर सोशल मीडिया के ज़रिए वायरल किए जा रहे पोस्टर को लेकर विशेष समुदाय में गहमा गहमी का माहौल है। चूंकि यह सर्व विदित है कि T. Raja Singh अपने विवादित और आक्रामक बयानों को लेकर चर्चित रहते हैं।
वर्ष 2022 में पैगंबर मोहम्मद साहब पर अभद्र आपत्तिजनक टिप्पणियो के बाद हैदराबाद में बड़े विरोध प्रदर्शन हुए। 23 अगस्त 2022 को गिरफ्तारी हुई, फिर जमानत मिली, उसके बाद उन्हें दोबारा हिरासत में लिया गया।
उन्हीं दिनों भाजपा ने भी उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया।
उन पर PD Act तक लगाया गया।
2023 में रामनवमी शोभायात्रा के दौरान दिए गए विवादित भाषण को लेकर भी FIR दर्ज हुई।
IPC 153-A जैसी धाराओं में मामला दर्ज कर पुलिस जांच हुई। “लव जिहाद”, धार्मिक जुलूस, मुस्लिम समुदाय और मस्जिदों को लेकर आय दिन उनके विरुद्ध कई विवादित बयानों पर समय-समय पर शिकायतें, FIR और नोटिस जारी होते रहे।
एक पक्ष उन्हें “हिंदुत्व की मुखर आवाज़” कहता है,
तो दूसरा पक्ष उन पर समाज में तनाव और ध्रुवीकरण बढ़ाने के आरोप लगाता है।
राजनीति में बयान केवल शब्द नहीं होते…
पिछले दिनों फरवरी मे भी हिन्दू गर्जना रैली के नाम पर छिंदवाड़ा मे साम्प्रदायिक उन्माद एवं वेमनस्यता फैलाने के उद्देश्य से भीड़ मे मुस्लिम समाज के प्रति नफ़रत का प्रदर्शन कर धार्मिक प्रतिको जैसे मस्जिदों की तरफ इशारा करके अनर्गल हिंसक उत्तेजना पैदा करने वाले बयान देने पर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने इस की शिकायत भी की थी
उनके बयानों का असर समाज, कानून व्यवस्था और लोगों के संबंधों तक पहुँचता है।
वर्तमान में आए दिन विवादित बयानों से समाज जो आपसी कट्टरता एवं नफरत बढ़ती जा रही है। उसे कम करने और रोकने के बजाय इस तरह के जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों द्वारा आग में घी डालने का प्रयास जारी है जिसे समय रहते शासन को सक्रिय होकर कानूनी लगाम लगाने की सख़्त आवश्यकता है।
ज्ञात हो कि अति निकट दिनों में ही बकरा ईद का त्यौहार मनाया जाना है। जिसमें मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा 3 दिनों तक कुर्बानी की जाती है।
