आईआईटी मंडी ने आयोजित किया 14वां दीक्षांत समारोह, संस्थान के इतिहास का सबसे बड़ा बी.टेक. बैच हुआ स्नातक

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643 विद्यार्थियों को प्रदान की गई डिग्रियां, इनमें 63 पीएचडी शोधार्थी शामिल

• संस्थान के इतिहास का सबसे बड़ा बी.टेक. बैच हुआ स्नातक

• भारत के राष्ट्रपति स्वर्ण पदक विजेता वायुन गोयल को कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में संस्थान स्वर्ण पदक भी प्रदान किया गया

• 63 पीएचडी शोधार्थियों सहित कुल 643 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं

मंडी: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी, जो देश के अग्रणी आईआईटी संस्थानों में से एक है, ने कमांड घाटी स्थित अपने सुंदर उत्तर परिसर में 14वें दीक्षांत समारोह का आयोजन किया। यह आयोजन पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में तकनीकी उत्कृष्टता और राष्ट्र निर्माण के केंद्र के रूप में संस्थान की निरंतर प्रगति का एक और महत्वपूर्ण पड़ाव रहा।

इस वर्ष कुल 643 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं, जिनमें 63 पीएचडी शोधार्थी, 259 स्नातकोत्तर विद्यार्थी तथा 321 स्नातक विद्यार्थी शामिल हैं। यह दीक्षांत समारोह अकादमिक उत्कृष्टता, प्रभावशाली शोध, नवाचार आधारित शिक्षा और भविष्य के नेतृत्वकर्ताओं के निर्माण के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

समारोह में वेलस्पन वर्ल्ड के संस्थापक श्री बी. के. गोयनका मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। आईआईटी मद्रास के निदेशक प्रोफेसर वी. कामकोटि तथा आईआईटी दिल्ली के निदेशक प्रोफेसर रंगन बनर्जी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह की अध्यक्षता आईआईटी मंडी के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) कंवलजीत सिंह ढिल्लों, पीवीएसएम, यूवाईएसएम, वाईएसएम, वीएसएम ने की।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि एवं वेलस्पन वर्ल्ड के संस्थापक श्री बी. के. गोयनका ने कहा, *”स्नातक होने वाले सभी विद्यार्थियों को इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर हार्दिक बधाई। जब आप तेजी से बदलती दुनिया में कदम रख रहे हैं, तब मैं आपको तीन मूल्यों—आनंद, मौलिकता और साहस—को अपनाने का आग्रह करता हूं। कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में अपनी मौलिकता बनाए रखें, असफलताओं से सीखने का साहस रखें और स्वयं को निरंतर बदलते परिवेश के अनुरूप ढालते रहें। आज ज्ञान एक बटन दबाने भर से उपलब्ध है, लेकिन वास्तविक महत्व इस बात का है कि आप उसका उपयोग किस प्रकार करते हैं। ज्ञान के साथ साहस और दृढ़ता भी आवश्यक है ताकि हर चुनौती का सामना किया जा सके। याद रखें, आपका समय भारत का समय है और हमारे राष्ट्र का भविष्य आपके विचारों, कार्यों और समर्पण से आकार लेगा।”*

स्नातक विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए आईआईटी मंडी के निदेशक प्रोफेसर लक्ष्मीधर बेहरा ने कहा, “मैं अपने स्नातकों को प्रोत्साहित करता हूं कि वे अपने ज्ञान, नवाचार और संकल्प के माध्यम से विकसित भारत 2047 के निर्माण में योगदान दें। प्रत्येक चुनौती नवाचार और समाज के लिए सार्थक समाधान विकसित करने का अवसर प्रदान करती है। आईआईटी मंडी अत्याधुनिक शोध, नवाचार और भविष्य उन्मुख शिक्षा के माध्यम से उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। संस्थान ने हाल ही में लगभग 100 करोड़ रुपये मूल्य की बाह्य वित्तपोषित शोध परियोजनाएं प्राप्त कर अपने शैक्षणिक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत किया है। साथ ही, भारत का पहला क्वांटम साइंस एंड इंजीनियरिंग बी.टेक. कार्यक्रम प्रारंभ करने के अलावा कृषि इंजीनियरिंग विद डेटा एनालिटिक्स तथा केमिकल इंजीनियरिंग विद डेटा एनालिटिक्स जैसे नए कार्यक्रम भी शुरू किए हैं। मैं वर्ष 2026 के स्नातक वर्ग को बधाई देता हूं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूं।”

अकादमिक उत्कृष्टता का उत्सव

इस वर्ष का दीक्षांत समारोह विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहा क्योंकि इसमें आईआईटी मंडी के इतिहास में पहली बार सर्वाधिक 321 बी.टेक. विद्यार्थियों ने स्नातक की उपाधि प्राप्त की। यह संस्थान के लिए कई दृष्टियों से एक उल्लेखनीय उपलब्धि है।

समारोह का सबसे प्रमुख आकर्षण वायुन गोयल की उपलब्धि रही, जिन्हें प्रतिष्ठित  भारत के राष्ट्रपति स्वर्ण पदक  के साथ-साथ  बी.टेक. (कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग) संस्थान स्वर्ण पदक  से सम्मानित किया गया।

दीक्षांत समारोह के दौरान इंजीनियरिंग विज्ञान, प्रबंधन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा साइंस, सतत विकास, स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी तथा उन्नत विनिर्माण सहित अनेक क्षेत्रों में आईआईटी मंडी के प्रभाव और योगदान को रेखांकित किया गया।

उत्कृष्टता और नेतृत्व का सम्मान

अकादमिक एवं शोध क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को विभिन्न पदक एवं पुरस्कार प्रदान किए गए।

• वायुन गोयल को अकादमिक उत्कृष्टता एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए  भारत के राष्ट्रपति स्वर्ण पदक  तथा  बी.टेक. (कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग) संस्थान स्वर्ण पदक  प्रदान किया गया।

• सुखवंश जैन को अकादमिक उपलब्धियों, नेतृत्व क्षमता और समग्र विकास में उत्कृष्ट योगदान के लिए  निदेशक स्वर्ण पदक  प्रदान किया गया।

• बी.टेक. (बायोइंजीनियरिंग) में स्नेहा चांदना तथा  बी.टेक. (सिविल इंजीनियरिंग) में खुशी रेवार को संस्थान स्वर्ण पदक प्रदान किया गया।

• अन्य स्नातक कार्यक्रमों में संस्थान स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में बीपांजित सिंह (बी.टेक. डेटा साइंस एंड इंजीनियरिंग), अक्षर अग्रवाल (बी.टेक. इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग), अरिदमन सिंह चौहान (बी.टेक. इंजीनियरिंग फिजिक्स) तथा प्रांजल वत्स (बी.टेक. मैकेनिकल इंजीनियरिंग) शामिल रहे।

• अकादमिक और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अर्चिता को  रानी गोंसाल्वेस स्मृति पदक  प्रदान किया गया।

• सिविल इंजीनियरिंग में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए खुशी रेवार, ओजस्वी हेमंत चौधरी और निहारिका चौहान को एनबीसीसी पुरस्कार प्रदान किए गए।

• नवाचार और उद्यमशीलता की भावना के लिए अनन्या राय और विरानी देवेंद्रभाई दिनेशभाई को  संस्थान नवाचार रजत पदक  से सम्मानित किया गया।

• एकांश वर्मा को  किरण बाला अरोड़ा स्मृति पुरस्कार  प्रदान किया गया।

• स्नातकोत्तर कार्यक्रमों में संस्थान स्वर्ण पदक प्राप्त करने वालों में स्नेहा विजयन (एम.ए. डेवलपमेंट स्टडीज), खुशी गर्ग (एमबीए डेटा साइंस एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस), काशिश चौधरी (एम.एससी. एप्लाइड मैथमेटिक्स), प्रीति (एम.एससी. केमिस्ट्री), मानव गुप्ता (एम.एससी. फिजिक्स), चिकीर्षा गुलाटी (एम.टेक. बायोटेक्नोलॉजी), आयुष ठाकुर (एम.टेक. पावर इलेक्ट्रॉनिक्स एंड ड्राइव्स) तथा आदर्श आर्य (एम.टेक. स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग) शामिल हैं।

यह दीक्षांत समारोह अकादमिक उत्कृष्टता, नवाचार, नेतृत्व क्षमता और शोध उपलब्धियों के उत्सव के रूप में आयोजित किया गया, जिसने उत्कृष्ट और भविष्य के लिए तैयार प्रतिभाओं को विकसित करने की आईआईटी मंडी की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया।

भविष्य की ओर अग्रसर

14वां दीक्षांत समारोह दृढ़ संकल्प, नवाचार, उत्कृष्टता और नई आकांक्षाओं का प्रतीक रहा। इस अवसर ने अंतरविषयक शोध, उद्यमिता, नवाचार और सामाजिक प्रभाव को बढ़ावा देने के प्रति आईआईटी मंडी की सतत प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।

इस विशेष दिन पर संकाय सदस्यों, अभिभावकों, पूर्व विद्यार्थियों और विशिष्ट अतिथियों ने एक साथ मिलकर स्नातक विद्यार्थियों की उपलब्धियों का उत्सव मनाया।

उद्योग, शिक्षण संस्थानों, उद्यमिता, सामाजिक कार्य और शोध जैसे विविध क्षेत्रों में आगे बढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए यह दीक्षांत समारोह एक नए अध्याय की शुरुआत का प्रतीक बना। यह आईआईटी मंडी की उस प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है जिसके माध्यम से संस्थान ऐसे नवप्रवर्तकों और नेतृत्वकर्ताओं को तैयार कर रहा है जो राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान दें।

समारोह विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत साबित हुआ, जो आजीवन सीखने, समर्पण, करुणा, नवाचार और सतत विकास के मूल्यों के साथ समाज की सेवा करने के संकल्प के साथ अपने जीवन की नई यात्रा पर आगे बढ़ रहे हैं।

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