एसबीआई रिसर्च के ‘नाउकास्टिंग मॉडल’ का अनुमान: चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (Q1 FY27) में भारत की जीडीपी वृद्धि दर ~8.0% रहने की संभावना, आरबीआई के अनुमान को पछाड़ा

Spread the love

मुंबई : एसबीआई रिसर्च ने आज अपनी नवीनतम इकोवैप (Ecowrap) रिपोर्ट जारी की, जिसके अनुसार वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1 FY27) में भारत की वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर लगभग 8.0% रहने का अनुमान जताया गया है। यह अनुमान भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) के 7.0% के प्रक्षेपण से उल्लेखनीय रूप से अधिक है। 54 उच्च-आवृत्ति संकेतकों का विश्लेषण करने वाले ‘डायनेमिक फैक्टर मॉडल’ पर आधारित यह रिपोर्ट दर्शाती है कि देश में आर्थिक गतिविधियां व्यापक रूप से मजबूत हो रही हैं। अध्ययन में शामिल 86% संकेतकों ने इस तिमाही में तेजी दर्ज की है, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 69% थी।

रिपोर्ट के अनुसार, खपत, मांग, औद्योगिक उत्पादन और सेवा क्षेत्र के बेहतर प्रदर्शन से अर्थव्यवस्था को गति मिल रही है। पैसेंजर वाहनों की बिक्री, बिजली की मांग और उपभोक्ता ऋण जैसे प्रमुख संकेतक लगातार मजबूत रुझान दिखा रहे हैं। केंद्र सरकार का पूंजीगत व्यय (Capex) भी विकास को गति दे रहा है, जिसमें वार्षिक आधार पर 23.7% की वृद्धि दर्ज की गई है। इसके साथ ही, अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (SCBs) की ऋण वृद्धि दर 17.7% पर पहुंच गई है और सार्वजनिक व निजी दोनों क्षेत्रों के बैंकों की परिसंपत्ति गुणवत्ता (Asset Quality) में व्यापक सुधार देखा गया है

भविष्य के परिदृश्य पर प्रकाश डालते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि जुलाई के शुरुआती आंकड़ों और मानसून की स्थिति में सुधार से दूसरी तिमाही (Q2 FY27) में भी आर्थिक रफ्तार बनी रहने की उम्मीद है। जून में वर्षा की कमी के बाद जुलाई में हुई बारिश और सकारात्मक ‘इंडियन ओशन डिपोल’ (IOD) की स्थिति ने मानसूनी घाटे को काफी हद तक कम कर दिया है। वित्तीय स्थिरता के संदर्भ में, एसबीआई रिसर्च ने उल्लेख किया कि हालिया उतार-चढ़ाव के बाद भारतीय रुपया 95–95.5/$ के स्तर पर स्थिर हुआ है। रिपोर्ट में मुद्रा बाजार में अत्यधिक अस्थिरता को रोकने और वित्तीय स्थिरता बनाए रखने के लिए आरबीआई की ओर से स्पष्ट नीतिगत संकेतों की आवश्यकता पर बल दिया गया है

admin1

admin1

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *