राजधानी भोपाल के 12 बस स्टॉप स्थित प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) परिसर का C-3 ब्लॉक इन दिनों मेंटेनेंस या स्वच्छता की वजह से नहीं, बल्कि अपने नोटिस बोर्ड पर छपी एक नीली-गुलाबी पट्टी को लेकर सुर्खियों में है. सोसाइटी प्रबंधन द्वारा दीवार पर टांगे गए नियमों की फेहरिस्त में सब कुछ आम सा ही था. कचरा डस्टबिन में डालें, रात 10 बजे के बाद शोर न करें, और लावारिस कुत्तों को खाना न खिलाएं. लेकिन ‘शांति एवं सौहार्द बनाए रखें’ वाले हिस्से में लिखी एक लाइन ने पूरे शहर की सियासत और सामाजिक ताने-बाने में गर्माहट ला दी है.
नोटिस बोर्ड पर साफ शब्दों में हिदायत लिखी है कि किराये पर फ्लैट देने हेतु हिंदू परिवार को प्राथमिकता दें.
सरकारी योजना के तहत बनी इस आवासीय सोसाइटी के इस फरमान के सामने आते ही सवालों की झड़ी लग गई है. स्थानीय रहवासी और शिकायतकर्ता प्यारे खान ने इस पर गहरा एतराज जताते हुए इसे सामाजिक भेदभाव और संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन करार दिया है. उनका कहना है कि सरकारी जमीन और पीएम आवास जैसी समावेशी योजना में धर्म के आधार पर किराएदार तय करने का अधिकार किसी को कैसे मिल सकता है? उन्होंने भोपाल के हबीबगंज थाने में इसे लेकर एक शिकायत का आवेदन भी दिया है.
12 नंबर बस स्टॉप pmy परिसर में लगा नोटिस बोर्ड बना चर्चा का विषय
