बैंक ऑफ़ बड़ौदा की अनूठी पहल: सुनने-बोलने में अक्षम ग्राहकों के लिए शुरू की भारतीय सांकेतिक भाषा (ISL) सहायता सेवा

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मुंबई: बैंक ऑफ़ बड़ौदा ने बैंकिंग जगत में एक ऐतिहासिक और समावेशी कदम उठाते हुए अपने संपर्क केंद्र (Contact Center) पर भारतीय सांकेतिक भाषा (ISL) में सहायता सेवा शुरू करने की घोषणा की है। यह पहल विशेष रूप से उन ग्राहकों को लक्षित करती है जो सुनने या बोलने में अक्षम हैं। अब ये ग्राहक वीडियो कॉल के माध्यम से प्रशिक्षित आईएसएल इंटरप्रेटर (दुभाषिया) से जुड़कर अपनी बैंकिंग समस्याओं का समाधान कर सकेंगे। यह भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में अपनी तरह की एक अग्रणी पहल है, जो ग्राहकों को बाधारहित और आत्मविश्वास के साथ बैंकिंग सेवाएं प्राप्त करने में सक्षम बनाएगी।

इस नई सुविधा को बैंक के प्रमुख डिजिटल चैनलों—बैंक ऑफ़ बड़ौदा की वेबसाइट, बॉब वर्ल्ड मोबाइल बैंकिंग ऐप, व्हाट्सऐप बैंकिंग और बैंक के जेन एआई-पावर्ड चैटबॉट ‘आदि’—पर एकीकृत किया गया है। वीडियो कॉल फीचर का उपयोग करते समय, ग्राहक ‘सांकेतिक भाषा के साथ वीडियो कॉल’ का विकल्प चुन सकते हैं, जिसके बाद उनका कॉल तुरंत एक प्रशिक्षित विशेषज्ञ एजेंट को ट्रांसफर कर दिया जाएगा। इस सेवा को सुचारू रूप से चलाने के लिए बैंक ने विशेष रूप से आईएसएल-प्रशिक्षित ग्राहक सेवा सहयोगियों की भर्ती के लिए एक अभियान भी शुरू किया है।

बैंक ऑफ़ बड़ौदा के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी, डॉ. देबदत्त चांद ने इस शुभारंभ पर कहा कि यह सेवा सुनने या बोलने में अक्षम ग्राहकों को अपनी बैंकिंग आवश्यकताओं को स्वतंत्र रूप से, गरिमा और सरलता के साथ पूर्ण करने में सशक्त बनाएगी। उन्होंने इसे समावेशी, तकनीक-आधारित और ग्राहक-केंद्रित बैंकिंग के प्रति बैंक की दृढ़ प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया। यह बैंकिंग उद्योग में एक नया बेंचमार्क स्थापित करेगा और बैंक के प्रति ग्राहकों का भरोसा और सुलभता बढ़ाएगा।

यह सेवा प्रतिदिन सुबह 09:00 बजे से शाम 06:00 बजे तक उपलब्ध रहेगी। इसके दायरे में सभी गैर-वित्तीय बैंकिंग सेवाएं, डिजिटल बैंकिंग उत्पादों से संबंधित सहायता, सामान्य बैंकिंग पूछताछ और सेवा अनुरोध शामिल होंगे। इस पहल के माध्यम से बैंक ऑफ़ बड़ौदा ने बैंकिंग पहुंच को अधिक लोकतांत्रिक और समावेशी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

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