मुंबई: भारत के प्रमुख निजी क्षेत्र के बैंकों में से एक, एक्सिस बैंक ने अपने चालू खाता (करेंट अकाउंट) ग्राहकों के लिए एआई-आधारित अनुपालन परिवर्तन समाधानों का एक एकीकृत सेट पेश किया है। इस पहल का उद्देश्य व्यवसायों के लिए पारंपरिक रूप से जटिल और समय लेने वाली नियामकीय प्रक्रियाओं को पूरी तरह डिजिटल और कागजरहित बनाना है। इन नई पेशकशों में विशेष रूप से एआई-आधारित रीकेवायसी समाधान और डिजिटल बिजनेस प्रोफाइल अपडेट सेवा शामिल है, जो तेजी से और सटीक अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए तैयार की गई है।
डिजिटल बिजनेस प्रोफाइल अपडेट सेवा जेनेरेटिव एआई और रीयल-टाइम जीएसटी फाइलिंग डेटा का उपयोग करती है, जो 3,000 से अधिक विकल्पों में से सबसे उपयुक्त व्यवसाय कोड का स्वचालित रूप से अनुमान लगाकर उसे निर्धारित करती है। इससे ग्राहकों को मैनुअल डेटा एंट्री या बैंक शाखा जाने की जरूरत नहीं पड़ती और पूरी प्रक्रिया जीएसटी-सत्यापित जानकारी के जरिए तुरंत पूरी हो जाती है। बैंक के लिए यह सेवा लार्ज लैंग्वेज मॉडल (एलएलएम) के बड़े पैमाने पर किए गए शुरुआती अनुप्रयोगों में से एक है, जो अनुपालन नियंत्रण को बढ़ाते हुए परिचालन कार्यभार और त्रुटियों को काफी कम करती है।
इसके साथ ही, एक्सिस बैंक ने गैर-व्यक्तिगत चालू खाता ग्राहकों के लिए भी एआई-आधारित रीकेवायसी समाधान पेश किया है। यह उन्नत सिस्टम एक ही पीडीएफ के भीतर जमा किए गए कई दस्तावेजों की स्वचालित रूप से पहचान और सत्यापन करता है। सिस्टम रीयल-टाइम में डेटा की कमियों या गुणवत्ता संबंधी समस्याओं की पहचान कर सक्रिय अनुपालन सुनिश्चित करता है, जिससे ‘फर्स्ट टाइम राइट’ प्रदर्शन में सुधार हुआ है। एक्सिस बैंक के ग्रुप एग्जीक्यूटिव समीर शेट्टी ने कहा कि जेनरेटिव एआई और वास्तविक समय के डेटा का मेल जटिल वर्कफ्लो को आसान बनाता है, जो भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार एआई-आधारित बैंकिंग प्रणालियों के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
