‘नज़र फ्रॉड पर, सब्र खुद पर’: एक्सिस बैंक ने उपभोक्ता संरक्षण जागरूकता अभियान के जरिये देश के कोने-कोने तक पहुंचाई सुरक्षित बैंकिंग

Spread the love
  • जागरूकता और ग्राहक शिक्षा पहलों के जरिए 69 हजार से अधिक लोगों तक पहुंचा अभियान
  • 23 राज्यों के 401 शहरों और कस्बों में 1,400 से अधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

मुंबई: देश में निजी क्षेत्र के प्रमुख बैंकों में से एक एक्सिस बैंक ने हाल ही में देशभर में ‘ग्राहक सुरक्षा जागरूकता अभियान’ का समापन किया। “नजर फ्रॉड पर, सब्र खुद पर” थीम के तहत चलाए गए इस अभियान के जरिए बैंक ने देशभर में ग्राहकों के लिए बैंकिंग को अधिक सुरक्षित बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। अभियान का उद्देश्य ग्राहकों को लगातार जागरूकता और संपर्क पहलों के माध्यम से बदलते धोखाधड़ी के जोखिमों के प्रति सतर्क करना, उन्हें सक्षम बनाना और जिम्मेदार बैंकिंग व्यवहार को बढ़ावा देना था।

यह अभियान पारंपरिक बैंकिंग केंद्रों से आगे बढ़कर 23 राज्यों के 401 शहरों और कस्बों तक पहुंचा। इसके तहत 1,400 से अधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें 69,000 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। मुंबई, दिल्ली, कोलकाता और चेन्नई जैसे बड़े शहरों से लेकर आगर, संबलपुर, अयोध्या और चिनामिराम जैसे ग्रामीण क्षेत्रों तक अभियान ने लोगों के बीच वित्तीय धोखाधड़ी को लेकर जागरूकता बढ़ाई, सतर्क रहने के लिए प्रेरित किया और उन्हें वित्तीय धोखाधड़ी के खिलाफ पहली सुरक्षा पंक्ति बनने के लिए सक्षम बनाया।

ऐसे समय में जब सोशल इंजीनियरिंग फ्रॉड (धोखाधड़ी के नए व चालाक तरीके) लगातार जटिल होते जा रहे हैं, इस पहल का मुख्य ध्यान ग्राहकों को व्यावहारिक जानकारी देना था ताकि वे जोखिमों को पहचान सकें और समय रहते कदम उठा सकें। यह अभियान भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के ग्राहक जागरूकता और रोकथाम संबंधी शिक्षा को बढ़ावा देने के प्रयासों के बिल्कुल अनुरूप है।

इस अभियान के तहत कई व्यापक प्रारूपों में कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें शामिल हैं:

  • विशेषज्ञों के सत्र: क्षेत्रीय साइबर क्राइम यूनिट्स, आरबीआई और पुलिस अधिकारियों के सहयोग से ये सत्र एक्सिस बैंक की शाखाओं और सामुदायिक केंद्रों पर आयोजित किए गए। इनमें छह प्रमुख प्रकार के फ्रॉड (विशिंग, फ़िशिंग, स्क्रीन शेयरिंग, सिम स्वैप, मैलवेयर, दस्तावेज़ जालसाज़ी) के साथ-साथ वास्तविक जीवन के उदाहरण, प्रश्नोत्तरी (क्विज़) और बचाव के व्यावहारिक उपायों को शामिल किया गया।
  • नुक्कड़ नाटक: देश भर में क्षेत्रीय भाषाओं में नुक्कड़ नाटक आयोजित किए गए, ताकि जटिल वित्तीय जोखिमों को सरल और समझ में आने वाली कहानियों के ज़रिए समझाया जा सके।
  • मुद्रित निर्देशिकाएं (गाइड्स) और हेल्पलाइन विवरण: सत्र समाप्त होने के बाद भी सुरक्षित बैंकिंग आदतों को बनाए रखने के लिए इन्हें लोगों के बीच वितरित किया गया।

इस अभियान को विभिन्न क्षेत्रों के साइबर सेल, पुलिस विभागों, सरकारी निकायों, नागरिक प्राधिकरणों, सार्वजनिक संस्थानों और सामुदायिक संगठनों के साथ रणनीतिक साझेदारी के ज़रिए और मज़बूत किया गया। प्रमुख सहयोगियों में आरबीआई, उत्तरांचल महिला एसोसिएशन, दिल्ली पुलिस, डीएमआरसी (DMRC), आंध्र प्रदेश सरकार, आंध्र प्रदेश पुलिस, पश्चिम बंगाल पुलिस, ओडिशा पुलिस, 120 बटालियन तथा महाराष्ट्र भर के साइबर सेल और पुलिस एसोसिएशन शामिल रहे।

इस पहुंच के हिस्से के रूप में, एक्सिस बैंक ने हरिद्वार में कांवड़ यात्रा के दौरान भी फ्रॉड जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। इसमें भारत के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक के दौरान ज़मीनी जागरूकता गतिविधियां और नुक्कड़ नाटक शामिल थे।

इस पहल पर बात करते हुए, एक्सिस बैंक के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर अनूप मनोहर ने कहा, “एक्सिस बैंक में, उपभोक्ता संरक्षण रोज़मर्रा की बैंकिंग में विश्वास कायम करने के हमारे ‘दिल से ओपन’ वादे का मुख्य हिस्सा है। इस अभियान के माध्यम से, हम फ्रॉड जागरूकता को केवल सलाहों तक सीमित न रखकर समुदायों के बीच ज़मीनी स्तर की वास्तविक बातचीत में बदल रहे हैं। जैसे-जैसे बैंकिंग अधिक डिजिटल हो रही है, हमारा ध्यान यह सुनिश्चित करने पर है कि ग्राहक अपनी दैनिक बैंकिंग में जागरूक, तैयार और बेहतर सुरक्षित रहें।”

सुरक्षित बैंकिंग पर एक्सिस बैंक का जोर इस अभियान तक सीमित नहीं है। बैंक ग्राहकों की सुरक्षा के लिए कई डिजिटल सुरक्षा सुविधाएं भी उपलब्ध कराता है, जिनमें शामिल हैं:

  • मोबाइल ऐप कोड: लॉगिन और लेन-देन के लिए सुरक्षित ऐप-आधारित प्रमाणीकरण की सुविधा देता है, जिससे OTP के जरिए होने वाली धोखाधड़ी का जोखिम कम होता है।
  • फेस ऑथेंटिकेशन: सत्यापन के लिए बायोमेट्रिक सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत जोड़ता है। इससे केवल अधिकृत उपयोगकर्ता ही संवेदनशील बैंकिंग गतिविधियों तक पहुंच या उन्हें मंजूरी दे सकते हैं।
  • सेफ्टी सेंटर: यह एक केंद्रीकृत सुविधा है, जो संदिग्ध गतिविधि के दौरान लेन-देन को सीमित करने जैसी तत्काल सुरक्षा कार्रवाई करने में मदद करती है। साथ ही, संभावित धोखाधड़ी के जोखिम से पहले ही बचाव के लिए ‘क्वाइट आवर्स’ जैसे सक्रिय सुरक्षा नियंत्रण भी उपलब्ध कराती है।
  • लॉक FD: फिक्स्ड डिपॉजिट को डिजिटल माध्यम से बिना अनुमति बंद किए जाने से रोककर अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करता है। यह सुविधा खासतौर पर उन ग्राहकों के लिए उपयोगी है जो सहायता-आधारित बैंकिंग माध्यमों पर निर्भर रहते हैं।
  • SMS शील्ड: आधिकारिक एक्सिस बैंक पहचानकर्ताओं के साथ भेजने वाले की पहचान का मिलान करके SMS की प्रामाणिकता की पुष्टि करता है। इससे फर्जी SMS और फिशिंग के प्रयासों की पहचान करने में मदद मिलती है।

ये सभी प्रयास मिलकर एक्सिस बैंक की एक सुरक्षित बैंकिंग व्यवस्था तैयार करने की व्यापक प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं, जहां ग्राहकों को अपनी डिजिटल बैंकिंग गतिविधियों पर अधिक नियंत्रण और भरोसा हासिल हो।

admin1

admin1

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *