मुंबई : वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन’ (Minimum Government, Maximum Governance) के विजन और भरोसे पर आधारित व्यवस्थाओं का पुरजोर समर्थन किया है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से साझा किया कि किस तरह सरकारी प्रक्रियाओं में बदलाव और ‘जन विश्वास’ जैसी नीतियां देश के विनिर्माण (Manufacturing) क्षेत्र और रोजगार सृजन को नई गति दे रही हैं।
अनिल अग्रवाल के संदेश के प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:
अग्रवाल ने भारतीय हवाई अड्डों का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले जहां कस्टम क्लियरेंस में घंटों लगते थे, वहीं आज भरोसे पर आधारित व्यवस्था के कारण 99.9% यात्री बिना किसी रुकावट के निकल जाते हैं। उन्होंने इनकम टैक्स की फेसलेस व्यवस्था को भी इसी दूरदर्शी सोच का परिणाम बताया। उनके अनुसार, जब तक मामला तस्करी जैसे गंभीर अपराधों से न जुड़ा हो, तब तक सामान्य व्यापारिक नियमों में ‘भरोसा’ ही आधार होना चाहिए।
वेदांता चेयरमैन ने डेटा का हवाला देते हुए बताया कि भारत में नोटिस जारी करने की दर अन्य देशों की तुलना में काफी अधिक है, जो अधिकारियों और उद्यमियों दोनों का ध्यान उत्पादक कार्यों से भटकाती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि ‘जन विश्वास’ की फिलॉसफी इस प्रशासनिक बोझ और जवाबदेही की कमी को दूर करेगी।
अग्रवाल ने नेशनल हाईवे के ऑटोमेटेड टोल सिस्टम का उदाहरण देते हुए कहा कि व्यापारियों और उद्यमियों को बस एक ऐसी ‘साफ सड़क’ की जरूरत है जहां कोई ‘स्पीड ब्रेकर’ (प्रशासनिक बाधाएं) न हो। उन्होंने जोर देकर कहा कि भरोसा, सम्मान और प्रोत्साहन भारतीय उद्यमियों के लिए गेम चेंजर साबित होंगे, जो भारत की विदेशों पर निर्भरता खत्म कर ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को पूरा करने में मदद करेंगे।
अंत में उन्होंने विश्वास जताया कि आर्थिक विकास के लिए विनिर्माण और नौकरियों पर ध्यान केंद्रित करना ही जीडीपी और सरकारी राजस्व बढ़ाने का सबसे प्रभावी तरीका है। सरकार की इन नीतियों से न केवल व्यापार करना आसान होगा, बल्कि भारत एक वैश्विक आर्थिक शक्ति के रूप में और अधिक मजबूती से उभरेगा।
