देवरीकला-: नगर की जल विरासत को सहेजने और खुले कुओं से होने वाली संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के लिए नगर पालिका परिषद देवरी की अध्यक्ष नेहा अलकेश जैन ने एक बड़ी पहल की है। उन्होंने मुख्य नगर पालिका अधिकारी को एक पत्र लिखकर नगर के सभी प्राचीन और सार्वजनिक कुओं की साफ-सफाई, जीर्णोद्धार और उन्हें लोहे की जालियों से ढंकने के सख्त निर्देश दिए हैं।
हादसों को दावत दे रहे खुले कुएं, सुरक्षा सर्वोपरि-
नपा अध्यक्ष जैन ने अपने पत्र में चिंता कहा कि नगर के विभिन्न वार्डों में बड़ी संख्या में प्राचीन कुएं हैं। इनमें से कई कुएं आज भी पेयजल के मुख्य स्रोत हैं, लेकिन देखरेख के अभाव में वे असुरक्षित हो चुके हैं। खुले पड़े ये कुएं किसी भी समय बड़ी जनहानि या दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिकों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
अध्यक्ष द्वारा दिए गए मुख्य निर्देश:
अध्यक्ष नेहा जैन ने पत्र के माध्यम से प्रशासन को तीन मुख्य बिंदुओं पर तत्काल कार्रवाई के लिए निर्देशित किया है-
चिन्हांकन और सूची- नगर के सभी वार्डों में स्थित सरकारी और सार्वजनिक कुओं को चिन्हित कर उनकी एक विस्तृत सूची तैयार की जाए।
जालियों से सुरक्षा-ऐसे कुएं जो वर्तमान में खुले हैं और जिनसे दुर्घटना का खतरा बना रहता है, उन्हें तत्काल मजबूत लोहे की जालियों से ढंकने का प्रबंध किया जाए।
जीर्णोद्धार और हैंडपंप-जिन कुओं का पानी वर्तमान में उपयोग नहीं हो रहा है, उनकी मरम्मत कर उन्हें साफ किया जाए। साथ ही, उन्हें सुरक्षित रूप से ढंककर उन पर हैंडपंप लगाए जाएं ताकि आम जनता को स्वच्छ जल मिल सके।
परंपरागत जल स्रोतों का संरक्षण है आवश्यक-
अध्यक्ष महोदया ने केंद्र और राज्य सरकार के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप पारंपरिक जल स्रोतों का संरक्षण बेहद जरूरी है। “कुएं हमारी नगर की धरोहर हैं और वैकल्पिक जल स्रोत के रूप में संकट के समय बहुत उपयोगी होते हैं। इनका संरक्षण और सफाई न केवल जल स्तर सुधारने में मदद करेगी, बल्कि नगर की सुंदरता और स्वच्छता में भी इजाफा करेगी।”
उच्च अधिकारियों को भी दी गई सूचना-
इस महत्वपूर्ण कार्य की गंभीरता को देखते हुए, इसकी प्रतिलिपि जिला कलेक्टर (सागर) और अनुविभागीय अधिकारी (SDM देवरी) को भी प्रेषित की गई है। अध्यक्ष ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी को निर्देशित किया है कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और की गई कार्रवाई से उन्हें समय-समय पर अवगत कराया जाए।
