एआई जनरेटेड भ्रामक पोस्ट से सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश, भोपाल पुलिस से सख्त कार्यवाही की मांग

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भोपाल। मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म फेसबुक पर एक कथित एआई जनरेटेड तस्वीर साझा किए जाने को लेकर शहर के विभिन्न सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों ने गंभीर आपत्ति व्यक्त की है

वायरल तस्वीर में संत रविदास मंदिर के बाहर बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों को टोपी पहने हुए तथा जेसीबी मशीन के साथ मंदिर तोड़ते हुए दर्शाया गया है। साथ ही मंदिर के समीप मस्जिद को भी दिखाया गया है। आपत्ति करने वालों का कहना है कि यह तस्वीर पूरी तरह काल्पनिक, भ्रामक और सामाजिक वैमनस्य फैलाने वाली है, जिसका उद्देश्य शहर की शांति और भाईचारे को प्रभावित करना प्रतीत होता है।
सामाजिक प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि मुस्लिम समाज का न तो इस कथित घटना से कोई संबंध है और न ही समुदाय का कोई व्यक्ति जेसीबी मशीन लेकर वहाँ पहुँचा था। यदि किसी निर्माण या संरचना को हटाने का प्रस्ताव है, तो वह मेट्रो परियोजना अथवा अन्य शासकीय विकास कार्यों के अंतर्गत प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है। ऐसे मामलों को किसी विशेष समुदाय से जोड़कर प्रस्तुत करना दुर्भावनापूर्ण और गैर-जिम्मेदाराना कदम माना जा रहा है।
शिकायत कर्ता का कहना है कि सबंधित व्यक्ति आयोग के पद पर बैठ कर एक समुदाय विशेष के खिलाफ दूसरे समुदायों को भड़का रहा है फेसबुक पेज
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जबकि संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति से अपेक्षा की जाती है कि वह समाज में विश्वास, शांति और सद्भाव को मजबूत करे। बिना सत्यापन के भ्रामक सामग्री साझा करना न केवल पद की गरिमा के प्रतिकूल है, बल्कि इससे सामाजिक तनाव भी बढ़ सकता है।
भोपाल में वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी सतर्कता और सख्ती के साथ कार्य कर रहा है। पुलिस लगातार ऐसे व्यक्तियों और तत्वों को चिन्हित कर रही है जो दो समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने, हिंसा भड़काने या शहर की शांति व्यवस्था को प्रभावित करने का प्रयास करते हैं। ऐसे मामलों में तत्काल और निष्पक्ष कार्रवाई की जा रही है।

शिकायत कर्ता ओसाफ बबलू द्वारा जाह्नगीराबाद थाना मे एक शिकायती आवेदन प्रस्तुत कर
इस पूरे प्रकरण में भोपाल पुलिस की संवेदनशील, निष्पक्ष और त्वरित कार्यशैली की व्यापक सराहना की जा रही है। नागरिकों ने विश्वास व्यक्त किया है कि पुलिस तथ्य और साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई करेगी।
सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि पुलिस कमिश्नर द्वारा जारी आदेश के अनुसार एआई जनरेटेड और भ्रामक सामग्री के माध्यम से समाज में तनाव फैलाने का प्रयास करने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति भोपाल की गंगा-जमुनी तहज़ीब और सामाजिक सौहार्द से खिलवाड़ करने का साहस न कर सके।

आपने पद की गरिमा के खिलाफ जाकर मानव अधिकार आयोग के सदस्य ने शहर व देश का माहौल खराब करने वाला पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल किया जिस के बाद भोपाल के जागरूक समाज सेवी औसाफ़ बबलू ने थाना जहाँगीराबाद में प्रियंक कानूनगो के खिलाफ आवेदन देकर मामला दर्ज करने की मांग की है औसाफ़ ने कहा की शहर का माहौल कुछ दिन से ठीक नही है ऐसे वक्त पर झूठा पोस्ट कर लोगो को भड़काने का काम कर रहे है आयोग के सदस्य ,इससे पहले भी कई उनके पोस्ट इसी तरह के है एक संवैधानिक पद पर रहकर इस तरह का कार्य उस पद के विश्वास को कम करता है

भोपाल की पहचान आपसी भाईचारे, अमन और एकता से है। इसे बिगाड़ने वाला कोई कानून की पकड़ से बच न पायेगा,हर कोशिश का जवाब कानून और संविधान के दायरे में रहकर दिया जाएगा।

admin1

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