देवरीकलां -:केसली थाना अंतर्गत ग्राम मंगेला में हुए चर्चित संजू गौंड हत्याकांड मामले में अब एक नया और सनसनीखेज मोड़ सामने आया है।
पुलिस ने मृतक की पत्नी को आरोपी मानते हुए गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, लेकिन इस कार्रवाई के बाद से क्षेत्र में विरोध के स्वर उठने लगे हैं।
इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर तब सवाल उठे जब मृतक की नाबालिग पुत्री ने घटना के संबंध में अपना पक्ष रखा। बालिका का आरोप है कि उसके पिता की हत्या उसकी मां ने नहीं, बल्कि किसी अन्य व्यक्ति ने की है। बालिका के अनुसार, संजू गौंड गांव के ही गब्बर राजपूत के खेत पर कृषि कार्य करता था और घटना वाली रात भी वह वहीं मौजूद था। बालिका के इस बयान ने मामले को नया मोड़ दे दिया है, जिससे स्थानीय लोग अब पूरी जांच प्रक्रिया पर संदेह जता रहे है।
पुलिस द्वारा मृतक की पत्नी पर मारपीट और अन्य गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई किए जाने से ग्रामीण और परिजन संतुष्ट नहीं हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने घटना की बारीकी से जांच नहीं की और वास्तविक दोषियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
इस मामले को लेकर स्थानीय आदिवासी समाज ने लामबंद होकर विरोध प्रदर्शन किया। समाज के प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा है। ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने इस अंधे कत्ल की निष्पक्ष और उच्च-स्तरीय जांच कराने की पुरजोर मांग की है।
परिजनों का कहना है कि यदि घटना के समय खेत पर मौजूद व्यक्ति की भूमिका की सही ढंग से जांच की जाती, तो सच सामने आ सकता था। फिलहाल, आदिवासी समाज ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में जल्द ही निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
