जयपुर : राजस्थान को एआई (AI) आधारित शिक्षा, नवाचार और कुशल मानव संसाधन का अग्रणी केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मंथन जयपुर में आयोजित ‘राजस्थान एजुकेशन समिट 2026’ में हुआ। एसोचैम (ASSOCHAM) राजस्थान स्टेट काउंसिल और आईआईएचएमआर (IIHMR) यूनिवर्सिटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस समिट का मुख्य विषय “एआई आधारित शिक्षा एवं विजन 2030 के माध्यम से राजस्थान को सशक्त बनाना” था।
कार्यक्रम में राजस्थान सरकार के उपमुख्यमंत्री एवं तकनीकी व उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस समिट में 150 से अधिक शिक्षाविदों, नीति-निर्माताओं और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
समिट के मुख्य विचाणीय बिंदु और चर्चाएं:
तीन प्रमुख सत्रों के दौरान उपस्थित विशेषज्ञों ने राजस्थान के शैक्षिक परिदृश्य को आधुनिक बनाने के लिए निम्नलिखित बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की:
- जिम्मेदार एआई का उपयोग: शिक्षा के क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के नैतिक और जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा देना।
- समावेशी और रोजगारोन्मुखी शिक्षा: तकनीक आधारित शिक्षा की पहुंच समाज के सभी वर्गों तक सुनिश्चित करना, विशेषकर उभरते और अपेक्षाकृत पिछड़े क्षेत्रों के छात्रों के लिए ताकि उन्हें सीधे रोजगार से जोड़ा जा सके।
- पाठ्यक्रमों में बदलाव: भविष्य की औद्योगिक आवश्यकताओं और डिजिटल परिवर्तन के अनुरूप शैक्षणिक पाठ्यक्रमों को तैयार करना।
विशेषज्ञों का दृष्टिकोण:
समिट के दौरान विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतियों, निदेशकों, स्कूल प्राचार्यों और उद्यमियों ने राज्य के शैक्षिक विकास का रोडमैप साझा किया।
आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट डॉ. पी.आर. सोडानी ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि शिक्षा का भविष्य इस बात पर निर्भर करेगा कि हम तकनीक को मानव-केंद्रित शिक्षण (Human-Centric Learning) के साथ कितनी प्रभावी ढंग से जोड़ पाते हैं। उन्होंने आगे कहा, “एआई आधारित शिक्षा केवल डिजिटल बदलाव तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समान अवसरों के सृजन, विद्यार्थियों में आलोचनात्मक सोच (Critical Thinking) विकसित करने तथा युवाओं को वैश्विक चुनौतियों के लिए तैयार करने का माध्यम भी है। ऐसे मंच शिक्षा जगत, सरकार और उद्योगों के बीच के अंतर को कम करने में सहायक होते हैं।”
विजन 2030 और भविष्य की रूपरेखा:
विशेषज्ञों के अनुसार, एआई की सहायता से न केवल व्यक्तिगत शिक्षण (Personalized Learning) को बढ़ावा दिया जा सकता है, बल्कि शिक्षा प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाने और शोध क्षमताओं को मजबूत करने में भी मदद मिलेगी। इस समिट का निष्कर्ष यह रहा कि सरकार, शिक्षा जगत और कॉर्पोरेट सेक्टर के आपसी त्रिकोणीय सहयोग से राजस्थान से वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी और कुशल प्रतिभाओं का विकास विजन 2030 के लक्ष्यों के तहत किया जा सकेगा।
