बुरहानपुर दि . 14.07.2026 : — अधिवक्ता मनोज कुमार अग्रवाल की पूर्व की प्रकाशित हो चुकी 16 नजीरो की कड़ी में, अब 1 और नंबर का इजाफा हो गया हो गया है, अब इस 17 वीं नजीर (प्रीसि-डेंट) के “मध्य प्रदेश लॉ जर्नल (एम.पी.एल.जे.)” में रिपोर्ट/प्रकाशन होने पर, उनके जूनियर अधिवक्ता श्री अजहर हुसैन एवं साथीगण ने उन्हें बधाई दी । अधिवक्ता श्री अजहर हुसैन ने कहा कि, उनके सीनियर अधिवक्ता श्री मनोज कुमार अग्रवाल की इस 1 और नई एवं अद्वितीय उपलब्धि विधिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण मार्गदर्शक सिद्धान साबित होगी, जिसके लिए उन्हें बुरहानपुर की सरजमीं के अपने सीनियर अधिवक्ता पर गर्व है ।
अधिवक्ता श्री मनोज कुमार अग्रवाल से उनकी इस उपलब्धि के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि, इस उपलब्धि में उनके सहायक अधिवक्तागण, श्री अजहर हुसैन एवं अन्य, के सकारात्मक सहयोग सहित, गुरु रूपी बड़े भाई डॉ गिरीश अग्रवाल जो अब 70 वर्ष की उम्र में स्वयं अधिवक्ता रजिस्टर्ड होने के साथ साथ उनके आदर्श भी है, से प्रेरणा के बेशकीमती योगदान के अलावा, उन विपक्षी अधिवक्ताओं की विपरीत दलीलें एवं न्यायालयों के उन अस्वीकार्य फैसलों का भी योगदान है, जिन्हें वे विधि के न्यायालय अर्थात मा. उच्च न्यायालय, और मा. सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती देते है और ऐसी चुनौती के चलते ही मा. हाईकोर्ट और मा. सुप्रीम कोर्ट में मंथन के बाद आने वाला फैसला नजीर /प्रीसी-डेंट/न्याय-सिद्धांत का रूप लेता है।
अधिवक्ता श्री मनोज अग्रवाल से पूछे जाने पर कि उन्हें उनकी इस 1 और नजीर प्रकाशित होने पर कैसा लग रहा है , तो इस पर श्री अग्रवाल ने कहा कि, उन्हें इस बात की संतुष्टि होती है कि तथ्यों की रोशनी में कानून के बारे में उनकी जो समझ है, उसे उन्होंने निम्न मा. न्यायालय के समक्ष सही अर्थों में रखा था, जिसके विपरीत निम्न न्यायालय द्वारा जारी फैसले को अथवा विपक्षी वकील की दलील को मा. वरिष्ठ न्यायालय ने ना केवल निरस्त करते हुए पलट दिया, बल्कि वरिष्ठ विधि के न्यायालय अर्थात मा. हाईकोर्ट ने तथ्यों की रोशनी में उनकी (अधिवक्ता श्री मनोज कुमार अग्रवाल की) कानून के संबंध में दी गई दलील को सही ठहराते हुए, कानून की इस नवीन व्यवस्था को विधि के जर्नल्स में स्थान मिला । बस इतना ही ।
17 वीं नजीर (प्रीसि-डेंट), “मध्य-प्रदेश लॉ जर्नल” में रिपोर्ट/प्रकाशन होने पर, अधिवक्ता श्री मनोज कुमार अग्रवाल को, बधाई-
