बुरहानपुर ताप्ती मिल के मजदूर 4 दिनों से हड़ताल पर 1 साल से नहीं मिला वेतन कांग्रेस जिलाध्यक्ष रिंकू टाक ने दिया समर्थन मिल प्रबंधन को दिया अल्टीमेटम
बुरहानपुर। ताप्ती कपड़ा मिल के मजदूरों को पिछले एक साल से वेतन नहीं मिला है। इसके विरोध में सुरक्षा और इलेक्ट्रिशियन विभाग के मजदूर पिछले चार दिनों से मिल के मुख्य द्वार पर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हुए हैं। सोमवार को बुरहानपुर कांग्रेस जिलाध्यक्ष रिंकू टाक ने हड़ताल स्थल पर पहुंचकर मजदूरों की मांगों का समर्थन किया और मिल प्रबंधन के रवैये पर कड़ा विरोध जताया।
बीजेपी नेताओं पर साधा निशाना
मजदूरों को संबोधित करते हुए कांग्रेस शहर जिलाध्यक्ष रिंकू टाक ने सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, ताप्ती मिल के मजदूर चार दिनों से हड़ताल पर हैं, लेकिन क्षेत्र के बीजेपी सांसद और विधायक कुंभकर्ण की नींद सोए हुए हैं। जब भी कोई समस्या आती है, नेता आते हैं, फोटो खिंचवाते हैं, झूठा आश्वासन देते हैं और चले जाते हैं। एक साल से वेतन न मिलने के कारण मजदूर अपने परिवार का पालन-पोषण कैसे कर रहे हैं, यह भगवान ही जानता हैं। बीजेपी सरकार और उसके नेता इन गरीब मजदूरों की बात सुनने को तैयार नहीं हैं।”
राहुल गांधी के जरिए लोकसभा में उठाएंगे मुद्दा
कांग्रेस मीडिया प्रभारी तफज्जुल हुसैन मुलायम वाला ने बताया कि उन्होंने ताप्ती मिल के जनरल मैनेजर और उच्च अधिकारियों से सीधी बात की है। कांग्रेस पार्टी ने मिल प्रबंधन को अल्टीमेटम दिया है कि मजदूरों का रुका हुआ वेतन जल्द से जल्द दिया जाए, वरना कांग्रेस पार्टी एक बड़ा आंदोलन छेड़ेगी। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले से पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी को अवगत कराया जाएगा और लोकसभा के माध्यम से ताप्ती मिल के मजदूरों की आवाज देश के सामने रखी जाएगी।
प्रबंधन ने दिया आश्वासन
कांग्रेस के हस्तक्षेप और मजदूरों के कड़े रुख को देखते हुए मिल के जनरल मैनेजर ने आश्वासन दिया है। प्रबंधन के अनुसार, अगले दो दिनों के भीतर मजदूरों को 2 महीने की सैलरी दे दी जाएगी। इसके बाद डेढ़ महीने के भीतर पूरी प्रक्रिया (प्रोसेस) पूरी करके 12 महीने के बकाया वेतन का भुगतान कर दिया जाएगा। कांग्रेस जिलाध्यक्ष रिंकू टॉक ने साफ किया कि यदि दो-तीन दिनों के भीतर यह वादा पूरा नहीं होता है, तो पार्टी मजदूरों के साथ मिलकर बड़ा प्रदर्शन करेगी।
कोरोना काल से बनी हुई है समस्या
भूख हड़ताल पर बैठे मजदूर रवींद्र महाजन ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा, “हम सुरक्षा और इलेक्ट्रिशियन विभाग के नियमित कर्मचारी हैं। कोरोना काल के समय से ही हमारे वेतन में दिक्कतें आ रही हैं। प्रबंधन हर बार दो या चार महीने में सैलरी देने का आश्वासन देता है, लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी वेतन नहीं मिला। घर चलाना मुश्किल हो गया है। जब तक हमारी पूरी बकाया सैलरी नहीं मिल जाती और हर महीने समय पर वेतन देने की गारंटी नहीं मिलती, हम हड़ताल पर डटे रहेंगे।
तकनीकी समस्या के कारण हुई देरी: एनटीसी प्रबंधन
पूरे मामले पर एनटीसी (नेशनल टेक्सटाइल कॉर्पोरेशन) के अधिकारियों का कहना है कि एनटीसी पिछले 5 सालों से सभी मजदूरों का भुगतान लगातार करती आ रही है। हालांकि, हाल के दिनों में कुछ तकनीकी समस्याएं आ गई थीं, जिन्हें सुधारने का प्रयास किया जा रहा था। इसी वजह से वेतन में देरी हुई। अब उस तकनीकी समस्या को सुलझा लिया गया है और अगले दो दिनों के भीतर 2 महीने का वेतन जारी कर दिया जाएगा। बाकी बचे हुए बकाया भुगतान को भी जल्द से जल्द पूरा करने की कोशिश की जा रही है।साथ मे ब्लॉक अध्यक्ष श्रीमिती योजना देवड़ा अमर यादव आशिष भगत हेमन्त सोनवणे आरिफ ठेकेदार सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद है
