मुंबई: जेएसडब्ल्यू सीमेंट लिमिटेड (JSW Cement) और उसकी सूचीबद्ध सहायक कंपनी शिवा सीमेंट लिमिटेड (Shiva Cement) के निदेशक मंडलों ने दोनों कंपनियों के विलय (Merger) की व्यवस्था योजना को मंजूरी दे दी है। इस विलय का मुख्य उद्देश्य परिचालन, वित्तीय और प्रबंधकीय स्तर पर तालमेल बिठाकर एक एकीकृत सीमेंट प्लेटफॉर्म तैयार करना है।
नियामकीय और वैधानिक मंजूरियां समय पर मिलने की स्थिति में यह विलय लेन-देन 12 से 14 महीने के भीतर पूरा होने की उम्मीद है।
विलय के मुख्य लाभ और रणनीतिक पहलू
- सप्लाई चेन और बैकवर्ड इंटीग्रेशन: शिवा सीमेंट की क्लिंकर इकाई के जरिए बैकवर्ड इंटीग्रेशन मजबूत होगा, जिससे कच्चे माल की बाहरी खरीद पर निर्भरता घटेगी और लॉजिस्टिक्स व सप्लाई चेन की दक्षता बढ़ेगी।
- वित्तीय मजबूती: इंटर-कंपनी गारंटी की आवश्यकता समाप्त होगी, वित्तपोषण लागत (Financing Cost) में कमी आएगी और फंड जुटाने में अधिक लचीलापन मिलेगा।
- कॉरपोरेट ढांचे का सरलीकरण: प्रशासनिक दोहराव और अनुपालन (Compliance) संबंधी औपचारिकताओं में कमी आएगी।
- शेयरधारकों के लिए मूल्य सृजन: शिवा सीमेंट के सार्वजनिक शेयरधारकों को जेएसडब्ल्यू सीमेंट के रूप में एक बड़ी और अधिक लिक्विड सूचीबद्ध कंपनी की विकास यात्रा में सीधे भागीदार बनने का अवसर मिलेगा।
शेयर विनिमय अनुपात (Share Swap Ratio)
योजना के अनुसार, जेएसडब्ल्यू सीमेंट (JSW Cement) को छोड़कर, शिवा सीमेंट के अन्य सभी शेयरधारकों को:
- शिवा सीमेंट के प्रत्येक 41 इक्विटी शेयरों (अंकित मूल्य ₹2) के बदले जेएसडब्ल्यू सीमेंट के 5 इक्विटी शेयर (अंकित मूल्य ₹10) जारी किए जाएंगे।
आवश्यक मंजूरियां और सलाहकार
यह योजना स्टॉक एक्सचेंजों, सेबी (SEBI), नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT), ओडिशा आईडीसीओ (IDCO) तथा दोनों कंपनियों के शेयरधारकों व लेनदारों की मंजूरी पर निर्भर करेगी।
- विशेष वित्तीय सलाहकार: जेएम फाइनेंशियल लिमिटेड (JM Financial Ltd)
- कर एवं नियामकीय सलाहकार: प्राइस वाटरहाउस एंड कंपनी एलएलपी (PwC)
- स्वतंत्र मूल्यांकनकर्ता: PwC बिजनेस कंसल्टिंग सर्विसेज एलएलपी और BDO वैल्यूएशन एडवाइजरी एलएलपी
- फेयरनेस ओपिनियन: एसबीआई कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड (JSW सीमेंट के लिए) और डीएएम कैपिटल एडवाइजर्स लिमिटेड (शिवा सीमेंट के लिए)
प्रबंधन का वक्तव्य
जेएसडब्ल्यू सीमेंट के सीईओ निलेश नरवेकर ने कहा:
“प्रस्तावित विलय अधिक एकीकृत और कुशल कारोबार बनाने की दिशा में एक रणनीतिक कदम है। इससे परिचालन व वित्तीय तालमेल का लाभ मिलेगा, बैकवर्ड इंटीग्रेशन मजबूत होगा और कॉरपोरेट ढांचा सरल होगा। साथ ही, शिवा सीमेंट के शेयरधारकों को एक बड़ी और अधिक लिक्विड कंपनी की विकास यात्रा में सीधे भाग लेने का अवसर मिलेगा।”
