गोदरेज पेट केयर ने दक्षिण भारत में बढ़ाया अपना दायरा; चार राज्यों में लॉन्च किया ‘निंजा’ पेट फूड ब्रांड

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मुंबई  — गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (GCPL) की सहायक कंपनी, गोदरेज पेट केयर (GPC) ने ‘गोदरेज निंजा’ (Godrej Ninja) को लॉन्च कर दक्षिण भारत के चार राज्यों में अपने कदम रख दिए हैं. यह पेट केयर ब्रांड कुत्तों के पाचन स्वास्थ्य (गट हेल्थ) और इम्युनिटी को बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक रूप से तैयार किया गया पेट फूड पेश करता है. तमिलनाडु में मिले उत्साहजनक बाजार रिस्पॉन्स के बाद, अब इस ब्रांड को केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भी उपलब्ध करा दिया गया है. इसके साथ ही क्षेत्र के पेट पैरेंट्स (पशु पालकों) की एक बड़ी कम्युनिटी के लिए गट-हेल्थ पर केंद्रित उच्च गुणवत्ता वाला पोषण सुलभ हो गया है. यह विस्तार तेजी से बढ़ते पेट केयर सेगमेंट में पैन-इंडिया (अखिल भारतीय) उपस्थिति बनाने की कंपनी की महत्वाकांक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम है.

भारतीय पेट केयर बाजार के मुख्य आंकड़े:

  • उभरता हुआ सेक्टर: गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के लिए पेट केयर एक उभरता हुआ सनराइज सेक्टर है. यह पूरा बाजार लगभग ₹6,000 करोड़ का आंका गया है, जिसमें से करीब ₹5,000 करोड़ का हिस्सा सिर्फ पेट फूड (पालतू जानवरों के भोजन) का है.
  • बाजार की पैठ (पेनिट्रेशन): भारत में पेट ओनरशिप बढ़ने के बावजूद पैकेज्ड पेट फूड की पैठ अभी भी कम है. वर्तमान में, लगभग 10% भारतीयों के पास पालतू जानवर हैं, और उनमें से केवल 10% ही पैकेज्ड फूड खिलाते हैं, वह भी केवल 40% समय. भारत में कैलोरी कन्वर्जन केवल 5% है, जबकि चीन (जो 15 साल पहले काफी हद तक भारत जैसा था) में पेट ओनरशिप करीब 20% और कैलोरी कन्वर्जन 25% तक पहुंच चुका है.
  • दक्षिण भारत का योगदान: भारत के पेट फूड मार्केट में दक्षिण भारत की हिस्सेदारी लगभग ₹1,800–2,000 करोड़ की है. इस क्षेत्र में कर्नाटक सबसे बड़ा पेट फूड मार्केट है, जिसके बाद क्रमशः आंध्र प्रदेश व तेलंगाना, तमिलनाडु और केरल का स्थान आता है. राष्ट्रीय पेट फूड बिक्री में कर्नाटक का योगदान सबसे अधिक (15%) है, जिसके बाद आंध्र प्रदेश और तेलंगाना (8%), तमिलनाडु (8%) और केरल (5%) का नंबर आता है.

अनुसंधान और विशेषज्ञता का संगम: साल 2024 में गठित, गोदरेज पेट केयर गोदरेज एग्रोवेट (Godrej Agrovet) के पशु पोषण (एनिमल न्यूट्रिशन) संबंधी ज्ञान और गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स की ब्रांड-बिल्डिंग व डिस्ट्रीब्यूशन क्षमताओं को एक साथ लाता है. एक समर्पित आरएंडडी (R&D) सेंटर और नादिर गोदरेज सेंटर फॉर एनिमल रिसर्च एंड डेवलपमेंट के सहयोग से कंपनी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए विज्ञान आधारित, भरोसेमंद पेट केयर पोर्टफोलियो बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है.

लॉन्च के अवसर पर बात करते हुए गोदरेज पेट केयर के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO), नितिन जैन ने कहा, “दक्षिण भारत देश के पेट केयर उद्योग के लिए एक प्रमुख विकास बाजार है और दीर्घकालिक श्रेणी के विकास के लिए एक बड़ा अवसर प्रस्तुत करता है. गोदरेज पेट केयर बाजार में उपलब्ध अन्य विकल्पों की तुलना में बेहद किफायती मूल्य पर बेहतरीन गुणवत्ता वाले उत्पाद देकर इस कैटेगरी का लोकतांत्रीकरण (डेमोक्रेटाइजिंग) कर रहा है. तमिलनाडु में गोदरेज निंजा को मिली उत्साहजनक प्रतिक्रिया ने पेट पैरेंट्स के बीच विज्ञान आधारित पोषण की बढ़ती मांग को साबित किया है. अगले कुछ वर्षों में पेट केयर क्षेत्र में ₹500 करोड़ के निवेश के साथ, हमारा लक्ष्य दक्षिण भारत में तेजी से विस्तार करना है ताकि हाई-क्वालिटी न्यूट्रिशन को पेट पैरेंट्स की एक बड़ी कम्युनिटी तक पहुँचाया जा सके।”

केरल बाजार के बारे में बात करते हुए नितिन जैन ने आगे जोड़ा, “केरल दक्षिण भारत का चौथा सबसे बड़ा पेट फूड मार्केट है, लेकिन यह गुणवत्ता को लेकर बेहद जागरूक है, जहां कीमत से ज्यादा भरोसा मायने रखता है. कोच्चि और तिरुवनंतपुरम प्रीमियम, ब्रांडेड पेट फूड के प्राथमिक उपभोग केंद्र हैं. गोदरेज पेट केयर केरल में ऐसे विज्ञान-आधारित उत्पादों के साथ प्रवेश कर रहा है जो राज्य के समझदार पेट पैरेंट्स के लिए विश्वसनीय, उच्च गुणवत्ता वाला पोषण सुनिश्चित करेंगे।”

पोषण के पीछे का विज्ञान (3P ब्लेंड): भारत में निर्मित और परीक्षित (टेस्टेड), ‘निंजा’ को नादिर गोदरेज सेंटर फॉर एनिमल रिसर्च एंड डेवलपमेंट में विकसित किया गया है और इसे विशेष रूप से पालतू कुत्तों की पोषण संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

डॉ. अशोक पट्टनायक (हेड – रिसर्च एंड डेवलपमेंट, गोदरेज पेट केयर और भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान के पूर्व प्रधान वैज्ञानिक) ने इस बात पर जोर दिया, “इंसान के तौर पर हम अपनी इम्युनिटी के लिए स्वाभाविक रूप से अपनी डाइट को संतुलित करते हैं—जैसे प्रोबायोटिक्स के लिए दही, ऊर्जा के लिए अनाज, और प्रोटीन के लिए चिकन या मछली। पालतू कुत्तों को भी कुछ ऐसा ही संपूर्ण आहार चाहिए। कई पेट पैरेंट्स घर के बने खाने के जरिए अपना प्यार जताते हैं, लेकिन इनमें अक्सर जरूरी पोषक तत्वों की कमी रह जाती है, जिससे असंतुलन पैदा होता है और कई बार सेहत खराब या बीमारियां भी हो सकती हैं। चूंकि कुत्ते की इम्युनिटी का लगभग 70% हिस्सा उसके पेट (गट) में होता है, इसलिए खराब पोषण सीधे तौर पर उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर करता है। पशु चिकित्सकों के पास आने वाले करीब 30% मामले पेट से जुड़ी (गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल) समस्याओं के होते हैं—यह एक स्पष्ट संकेत है कि सही इम्यूनो-पोषक तत्वों से भरपूर वैज्ञानिक रूप से तैयार भोजन कोई लग्जरी नहीं, बल्कि एक आवश्यकता है। इसलिए, निंजा को प्रोबायोटिक्स, प्रीबायोटिक्स और पॉलीफेनोल्स के वैज्ञानिक रूप से तैयार ‘3P ब्लेंड’ और 37 संतुलित पोषक तत्वों के माध्यम से कुत्तों के पाचन स्वास्थ्य और इम्युनिटी को बेहतर बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।”

वेरिएंट्स और कीमतें: गोदरेज निंजा पपी (Puppy) और एडल्ट (Adult) दोनों प्रकार के कुत्तों के लिए उपलब्ध है।

  • एडल्ट वेरिएंट्स की कीमतें: ₹20 (100 ग्राम), ₹199 (1 किलोग्राम), और ₹499 (3 किलोग्राम) हैं।
  • पपी वेरिएंट्स की कीमतें: ₹20 (100 ग्राम), ₹219 (1 किलोग्राम), और ₹549 (3 किलोग्राम) तय की गई हैं।
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2 thoughts on “गोदरेज पेट केयर ने दक्षिण भारत में बढ़ाया अपना दायरा; चार राज्यों में लॉन्च किया ‘निंजा’ पेट फूड ब्रांड”

  1. Helli Sir / madam,

    Kindly share your email ID and contact details.

    Santosh Sawardekar,

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