इंदौर। शहर के अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र अंतर्गत दशहरा मैदान के सामने स्थित कृष्णा टॉवर में एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां रहने वाले पत्रकार अनिल भंडारी को डराने-धमकाने के लिए अन्नपूर्णा थाने का फर्जी अधिकारी बनकर कॉल करने और दबाव बनाने का मामला सामने आया है। इस पूरे षड्यंत्र के पीछे कृष्णा टॉवर के ही रहवासी अजय गुप्ता और उनके सहयोगी पर आरोप लगे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पत्रकार अनिल भंडारी के मोबाइल पर एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया, जिसने खुद को अन्नपूर्णा थाने का पुलिस अधिकारी बताते हुए रौब झाड़ना शुरू कर दिया। फोन करने वाले ने धमकाते हुए कहा कि “तुम बिना बात के दादागीरी करते हो, तुरंत थाने आओ।” फोन पर बात करने वाले का लहजा संदेहास्पद लगने पर जब पत्रकार अनिल भंडारी ने अन्नपूर्णा थाने के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क कर वस्तुस्थिति की पुष्टि की, तो सच्चाई सामने आई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि थाने से ऐसा कोई भी फोन कॉल नहीं किया गया है। इससे यह साफ हो गया कि अजय गुप्ता के किसी सहयोगी अथवा परिचित द्वारा फर्जी पुलिसकर्मी बनकर पत्रकार को भयभीत करने और दबाव बनाने की नीयत से यह हरकत की गई।
उल्लेखनीय है कि इसके पूर्व भी अजय गुप्ता द्वारा पत्रकार अनिल भंडारी के साथ मारपीट की घटना को अंजाम दिया जा चुका है। उस समय पड़ोसी होने और सामाजिक मर्यादा का ध्यान रखते हुए अनिल भंडारी ने बड़ा दिल दिखाते हुए उन्हें माफ कर दिया था। परंतु इस क्षमादान के बावजूद अजय गुप्ता के रवैये में कोई सुधार नहीं आया। वे लगातार पत्रकार अनिल भंडारी को प्रताड़ित करने और मानसिक दबाव में लाने के लिए नित-नए हथकंडे अपना रहे हैं।
फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर कॉल करने का यह मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। किसी शासकीय विभाग या पुलिस का नाम लेकर किसी नागरिक अथवा पत्रकार को भयभीत करना एक गंभीर कानूनी अपराध है। इस पूरे मामले को लेकर क्षेत्र के पत्रकारों और प्रबुद्ध नागरिकों में गहरा रोष है और पुलिस प्रशासन से जांच कर कठोर वैधानिक कार्रवाई की मांग की जा रही है।
