एम्स भोपाल में 1 से 31 अक्टूबर तक स्तन कैंसर जागरूकता माह मनाया जा रहा है। इस कड़ी में जागरूकता कार्यक्रमों की श्रृंखला चलाई जा रही है, ताकि लोगों को इस बीमारी के लक्षण, समय पर जांच और अच्छे इलाज के महत्व की जानकारी मिल सके। विश्व स्वास्थ्य संगठन का 2026 का संदेश “हर कहानी अनोखी है, हर सफर मायने रखता है” बीमारी से प्रभावित हर व्यक्ति के अनुभव और जरूरतों का सम्मान करने पर जोर देता है। स्तन कैंसर के संभावित लक्षणों में स्तन या बगल में गांठ, स्तन के आकार में बदलाव, त्वचा में परिवर्तन और निप्पल से असामान्य स्राव शामिल हो सकते हैं। हर गांठ कैंसर नहीं होती, लेकिन कोई भी नया या असामान्य बदलाव दिखे तो उसकी डॉक्टरी जांच जरूर करानी चाहिए। जागरूकता का मतलब केवल लक्षण जानना नहीं है। इसमें उचित जांच, अपने जोखिम का आकलन, समय पर रोग की पहचान और विशेषज्ञ डॉक्टरों से इलाज भी शामिल है। साथ ही मरीजों और उनके परिवारों को भावनात्मक सहारा मिलना भी उतना ही जरूरी है।
स्तन कैंसर के अलग-अलग प्रकारों, मेटास्टेटिक कैंसर (जब कैंसर शरीर के दूसरे हिस्सों में फैल जाए) और पुरुषों में होने वाले स्तन कैंसर के बारे में सही जानकारी साझा करना भी जरूरी है। स्वास्थ्यकर्मी, परिवार और समाज मिलकर गलत धारणाओं को दूर कर सकते हैं और लोगों को डॉक्टर के पास जाने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।
