नगरीय निकायों की खरीदी में गड़बड़ी पर कैलाश विजयवर्गीय का बड़ा बयान, बोलो- जिम्मेदार को किया सस्पेंड

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नगरीय निकायों की खरीदी में गड़बड़ी पर कैलाश विजयवर्गीय का बड़ा बयान, बोलो- जिम्मेदार को किया सस्पेंड
नगरीय प्रशासन विभाग के एसीएस संजय दुबे का पुराना वीडियो वायरल होने के बाद विवाद बढ़ गया है। एमपी के नगरीय निकायों में सरकारी खरीदी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अब मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी इस मामले पर अपनी बात रखी है। उन्होंने शुक्रवार रात इंदौर में बताया कि इस मामले में क्या कार्रवाई की जा रही है।
वायरल वीडियो में क्या था?
दरअसल नगरीय निकायों में सरकारी खरीदी को लेकर एसीएस संजय दुबे का एक वीडियो वायरल हुआ था। इस वीडियो में वे खरीदी में हुई गड़बड़ियों का जिक्र कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि निकायों ने 1100 करोड़ रुपए से ज्यादा की खरीदी की है।

सही कीमतों पर सामान खरीदा जाता तो 250 करोड़ रुपए बच सकते थे। वीडियो वायरल होने के बाद विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। अब नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इस मामले पर बयान दिया है। शुक्रवार रात इंदौर में उन्होंने बताया कि जिम्मेदारों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है।

यह बोले मंत्री कैलाश विजयवर्गीय
नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि इस मामले में उच्च स्तरीय जांच हो गई है। कुछ लोगों को सस्पेंड किया गया है। जांच हो रही है और बचे हुए लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। ठेकेदारों को भी ब्लैकलिस्ट किया है।

क्या बोले थे संजय दुबे?
यह वीडियो भोपाल के भौंरी स्थित सुंदरलाल पटवा शहरी विकास प्रशिक्षण संस्थान का है। यहां विभागीय बैठक के दौरान संजय दुबे ने सरकारी खरीदी पर सवाल उठाए थे।

उन्होंने कहा वीडियो में कहा था कि एक नगर निकाय ने दो लाख रुपए में कचरा वाहन खरीदा। दूसरे निकाय ने उसी तरह के वाहन पर छह लाख रुपए खर्च कर दिए हैं। फर्क सिर्फ डस्टबिन की संख्या का था। उन्होंने सवाल उठाया कि तीन डस्टबिन बढ़ने से कीमत तीन गुना कैसे हो गई?

संजय दुबे ने बताया कि कुछ निकायों ने डेढ़-डेढ़ करोड़ रुपए के कचरा वाहन खरीद लिए गए। हैरानी की बात है कि उनके पास इतने वार्ड भी नहीं हैं। ऐसे में इतने महंगे वाहन खरीदने की जरूरत क्या थी?

उन्होंने साफ कहा कि विभाग के पास हर खरीदी की जानकारी है। किस निकाय ने क्या खरीदा और कितनी मात्रा में खरीदा। सामान किस कीमत पर खरीदा गया। इसका पूरा रिकॉर्ड विभाग के पास है। खरीदी में गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में यह भी बताया गया कि प्रदेश के 374 नगरीय निकायों ने तीन साल में करीब एक हजार 134 करोड़ रुपए की खरीदी की है। यह खरीदी सरकारी GeM पोर्टल के जरिए हुई थी। यदि सामान औसत कीमत पर खरीदा जाता तो करीब 250 करोड़ रुपए बच सकते थे।

फिर बताया कि 146 अधिकारियों-कर्मचारियों पर हुई कार्रवाई
संजय दुबे का वीडियो वायरल होने के बाद सरकार से सवालों के घेरे में है। सवाल था कि इतनी बड़ी गड़बड़ी सामने आने के बाद विभाग ने क्या किया? इस मामले को लेकर मोहन सरकार भी सवालों के घेरे में आ गई है।

इसके बाद विभाग ने बताया कि आठ संभागों में कुल 62 मामलों की जांच की गई है। इन मामलों में 146 अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की जानकारी दी गई है।

विभाग के मुताबिक सात कर्मचारियों को नौकरी से हटा दिया गया है। 76 अधिकारियों और कर्मचारियों की वेतनवृद्धि रोक दी गई है। 17 की पेंशन से मिलने वाली राहत में कटौती की गई है।

इसके अलावा 38 लोगों से सरकारी नुकसान की भरपाई के लिए वसूली की गई है। पांच कर्मचारियों को चेतावनी दी गई। दो मामलों में कार्रवाई समाप्त कर दी गई। जांच में 22 लोगों को दोषमुक्त पाया गया है।

इन कार्रवाइयों की जानकारी सामने आने के बाद भी सवाल बना हुआ है। आखिर इतनी महंगी खरीदी को पहले ही क्यों नहीं रोका गया?

राहुल गांधी पर क्या बोले विजयवर्गीय?
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर भी निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद देश ने पहली बार इतना गैरजिम्मेदार विपक्ष देखा है।

विजयवर्गीय ने सवाल उठाया कि क्या राहुल गांधी हिंदुस्तान में आग लगवाना चाहते हैं? अगर हर संवैधानिक संस्था पर सवाल उठाए जाएंगे तो लोकतंत्र कैसे बचेगा? विपक्ष लगातार नकारात्मक राजनीति करेगा तो लोकतंत्र कैसे मजबूत होगा?

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी हों या कोई दूसरा नेता हो। सभी से मेरी अपील है कि देश सबसे पहले होना चाहिए। कुर्सी देश से बड़ी नहीं हो सकती है। नेताओं को नकारात्मक राजनीति छोड़ देनी चाहिए।

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