मुंबई : गोदरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप (GEG) का टूलिंग व्यवसाय 21 से 24 अप्रैल तक आयोजित ‘TAGMA 2026’ में अपनी उन्नत इंजीनियरिंग क्षमताओं का भव्य प्रदर्शन कर रहा है। कंपनी ने आने वाले 2-3 वर्षों में 10-15% की वार्षिक (YoY) वृद्धि का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है, जो मुख्य रूप से ऑटोमोटिव और इलेक्ट्रिक वाहन (EV) क्षेत्र से बढ़ती मांग और उच्च-सटीक (high-precision) टूलिंग समाधानों की आवश्यकता से प्रेरित है। पिछले तीन वर्षों के दौरान व्यवसाय ने निरंतर प्रगति की है, जिसमें चालू वर्ष में ऑर्डर में लगभग 25% की प्रभावशाली वृद्धि दर्ज की गई है। इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर बढ़ते बदलाव ने इस विकास को और गति दी है, जहाँ EV-संबंधित परियोजनाएं अब कंपनी की कुल ऑर्डर बुक का लगभग 20% हिस्सा हैं।
TAGMA 2026 के हॉल 2, स्टॉल H02 पर, GEG का टूलिंग व्यवसाय अपनी एकीकृत इंजीनियरिंग शक्तियों को प्रदर्शित कर रहा है। इसमें वास्तविक समय में प्रदर्शन की निगरानी के लिए IoT-सक्षम उपकरण, जटिल टूलिंग तत्वों के निर्माण के लिए 3D प्रिंटिंग (एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग), और जुड़ी हुई प्रौद्योगिकियां (connected technologies) शामिल हैं, जो रिमोट डायग्नोस्टिक्स और बेहतर परिचालन दक्षता को सक्षम बनाती हैं। ये तकनीकें उद्योग की बदलती जरूरतों के अनुरूप स्केलेबल और भविष्य के लिए तैयार समाधान प्रदान करने पर कंपनी के फोकस को उजागर करती हैं।
इस अवसर पर गोदरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप के टूलिंग व्यवसाय प्रमुख, श्री पंकज अभ्यंकर ने कहा कि भारत का विनिर्माण परिदृश्य इस समय एक परिवर्तनकारी चरण में है, जो गहरे स्थानीयकरण और उत्पाद की बढ़ती जटिलता से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि TAGMA के साथ उनकी लंबी साझेदारी भारत के टूलिंग पारिस्थितिकी तंत्र के विकास का प्रमाण है। आज कंपनी अपनी उन्नत इंजीनियरिंग विशेषज्ञता को टूलिंग, ऑटोमेशन और डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग के साथ एकीकृत कर उच्च-सटीक और विश्वसनीय समाधान प्रदान करने पर पूरी तरह केंद्रित है, ताकि भारत को वैश्विक स्तर पर एक प्रतिस्पर्धी विनिर्माण केंद्र के रूप में और अधिक सशक्त बनाया जा सके।
अपनी दशकों की विशेषज्ञता और 10,000 से अधिक निर्मित उपकरणों के भंडार के साथ, गोदरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप भारत के टूलिंग पारिस्थितिकी तंत्र में अपनी भूमिका को निरंतर मजबूत कर रहा है। एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग को अपनाने और स्थानीय MSMEs के साथ रणनीतिक सहयोग के माध्यम से, कंपनी न केवल अपनी उत्पादन जटिलताओं को हल कर रही है, बल्कि घरेलू विनिर्माण क्षमता और मूल्य-श्रृंखला में लचीलापन (value-chain resilience) भी सुनिश्चित कर रही है, जिससे उद्योग की भविष्य की आवश्यकताओं को प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सके।
