मुंबई : आदित्य बिड़ला ग्रुप की प्रमुख कंपनी, अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड ने भारतीय सीमेंट उद्योग में एक नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए अपनी स्थापित सीमेंट उत्पादन क्षमता को सालाना 20 करोड़ टन (200 MTPA) के पार पहुँचा दिया है। इस उपलब्धि के साथ, अल्ट्राटेक अब चीन के बाहर दुनिया की सबसे बड़ी सीमेंट कंपनी बन गई है। कंपनी ने हाल ही में उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर, झारखंड के पतरातू और आंध्र प्रदेश के विजाग में तीन नई सीमेंट ग्राइंडिंग यूनिट्स का शुभारंभ किया है, जिनकी कुल क्षमता 87 लाख टन सालाना है। इन यूनिट्स का चयन रणनीतिक रूप से किया गया है, ताकि उत्तर भारत के निर्माण गलियारे, झारखंड के औद्योगिक क्षेत्र और आंध्र प्रदेश के तेजी से शहरीकरण हो रहे तटीय इलाकों की बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके। इन नई यूनिट्स के साथ भारत में अल्ट्राटेक की कुल क्षमता 200.1 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) और वैश्विक क्षमता 205.5 MTPA हो गई है।
अल्ट्राटेक की इस विकास गाथा की गति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कंपनी को 100 MTPA की क्षमता तक पहुँचने में 36 साल लगे थे, लेकिन अगले 100 MTPA का लक्ष्य उसने सात साल से भी कम समय में हासिल कर लिया है। इस सफलता पर आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन श्री कुमार मंगलम बिड़ला ने कहा कि अल्ट्राटेक ने प्रधानमंत्री के ‘मेक इन इंडिया’ के विजन को जमीन पर उतारा है। उन्होंने कहा, “200 करोड़ टन का यह पड़ाव दुनिया में भारत की बढ़ती आर्थिक ताकत और आत्मविश्वास को दर्शाता है। हम एक निर्णायक मोड़ पर हैं, जहाँ हमारे द्वारा किया गया बुनियादी ढांचे का निर्माण आने वाली पीढ़ियों की तस्वीर तय करेगा।”
अल्ट्राटेक की सीमेंट का उपयोग देश की आधारभूत संरचना को मजबूती देने में प्रमुखता से किया जा रहा है। कंपनी भारत में हर तीन में से एक घर बनाने में योगदान देती है, इसके अलावा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की 40 प्रतिशत कंक्रीट सड़कें और देशभर की मेट्रो रेल परियोजनाओं का 80 प्रतिशत हिस्सा अल्ट्राटेक के सीमेंट से बना है। कंपनी ने नए संसद भवन (सेंट्रल विस्टा), मुंबई कोस्टल रोड, द्वारका एक्सप्रेसवे और मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर जैसे ऐतिहासिक प्रोजेक्ट्स में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
अल्ट्राटेक के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री के. सी. झंवर ने विस्तार की इस रणनीति को ‘जैविक विस्तार’ और ‘रणनीतिक अधिग्रहणों’ का बेहतरीन तालमेल बताया है। उन्होंने कहा कि यह नेटवर्क न केवल दूरदराज के इलाकों तक पहुँचा है, बल्कि साझीदारों के विश्वास का प्रतीक भी है। भविष्य की योजना पर बात करते हुए कंपनी ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है कि वह न केवल क्षमता बढ़ाएगी बल्कि पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी निभाएगी। अल्ट्राटेक अब प्रति टन सीमेंट में कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन घटाने और हरित निर्माण (Green Construction) को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।
विकास का सिलसिला यहीं नहीं रुकेगा। कंपनी ने अपने अगले दौर के विस्तार के लिए 16,000 करोड़ रुपये से अधिक के पूंजीगत व्यय (Capex) की योजना बनाई है। इन परियोजनाओं के पूरा होने पर अल्ट्राटेक की कुल वैश्विक उत्पादन क्षमता 240 MTPA से अधिक हो जाएगी, जो कंपनी को और भी ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए तैयार है।
