भाजपा का डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी संस्मरण पखवाड़ा अंतर्गत विशाल कार्यकर्ता सम्मेलन

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डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी ने सांप्रदायिक आधार पर बंगाल के विभाजन का कड़ा विरोध किया . संभाग प्रभारी श्री सुरेन्द्र जी शर्मा
बुरहानपुर।

भारतीय जनता पार्टी जिला बुरहानपुर द्वारा दिनांक 4 जुलाई 2026 शनिवा को डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी संस्मरण पखवाड़ा के अंतर्गत एक विशाल कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन स्व. परमानन्द गोविंदजीवाला ऑडिटोरियम, इंदिरा कॉलोनी, बुरहानपुर में आयोजीत किया गया। इस गरिमामयी अवसर पर भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं निमाड़ संभाग प्रभारी श्री सुरेंद्र शर्मा जी,जिला प्रभारी श्री क्षितिज भट्ट जी,जिलाध्यक्ष डॉ.मनोज माने जी,सांसद श्री ज्ञानेश्वर पाटिल जी, प्रदेश भाजपा प्रवक्त्ता ,पूर्व कंबिनेट मंत्री एवं विधायक बुरहानपुर श्रीमती अर्चना चिटनिस दीदी, नेपानगर विधायक सुश्री मंजू राजेंद्र दादू जी, महापौर श्रीमती माधुरी अतुल पटेल जी, किसान मोर्चा प्रदेश महामंत्री श्री मनोज लधवे जी,पूर्व विधायक एवं अनुसूचित जनजाति मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा कास्डेकर जी,पूर्व जिलाध्यक्ष दिलिप श्रॉफ, पावरलुम फेछरेशन अध्यक्ष जयंती नवलखे,जिला महामंत्री चिंतामन महाजन, ईश्वर चौहान,संजय जाधव सहित समस्त सम्मानीय जनप्रतिनिधियों, जिला पदाधिकारियों एवं प्रबुद्ध कार्यकर्ताओं उपस्थिति थे।
इस सम्मेलन को मुख्य वक्त्ता के रूप में संबोधित करते हुवे प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष एंव संभागीय प्रभारी श्री सुरेन्द्र जी शर्मा ने डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुवे कहा कि उन्होने डॉ. मुखर्जी का जन्म 6 जुलाई 1901 को हुवा था,उनके पिता बेरिस्टर और माता गृहणी थी,उनकी मृत्यु 23 जन को हुई। आपने श्रद्वॉजली देते हुवे उनके जीवन काल की महत्वपुर्ण घटनाओं पर प्रकाश डालते हुवे बताया कि 16 वर्ष की उम्र में मेट्रिक, 20 वर्ष की उम्र में बीए और 23 वर्ष की उम्र में वकालात पास की। आप कुलपती बने, रविन्द्रनाथ अैगौर का दीक्षंत समारोह में वक्तव्य बंग भाषा में कराया। उन्होने कहा कि डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी राष्ट्रवादी चिंतक थे। उन्होंने सांप्रदायिक आधार पर बंगाल के विभाजन का कड़ा विरोध किया और यह सुनिश्चित किया कि हिन्दू बहुल क्षेत्र भारत में सुरक्षित रहें।
उन्होंन बताया कि स्वतंत्र भारत के पहले मंत्रिमंडल में वे उद्योग और आपूर्ति मंत्री बने, लेकिन कश्मीर नीति और पाकिस्तान के साथ हुए नेहरू.लियाकत समझौते के विरोध में उन्होंने 1950 में कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया और 21 अक्टूबर 1951 को उन्होंने दिल्ली में भारतीय जनसंघ की स्थापना की,जो आगे चलकर भारतीय जनता पार्टी के रूप में विकसित हुआ,कश्मीर आंदोलन और बलिदानडॉ.मुखर्जी जम्मू.कश्मीर को भारत का पूर्ण अभिन्न अंग बनाना चाहते थे और वहां लागू परमिट व्यवस्था के सख्त खिलाफ थे। अपने इस संकल्प को पूरा करने के लिएए 1953 में उन्होंने बिना परमिट लिए जम्मू.कश्मीर की यात्रा की। वहां पहुंचते ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। 23 जून 1953 को रहस्यमय परिस्थितियों में श्रीनगर की जेल में ही उनकी मृत्यु हो गई। आपने नारा लगवाया कि जहां हुवे बलिदान मुखर्जी वह कश्मिर हमारा है ,जो कश्मिर हमारीा है वह सारा का सारा है। यह नारा सम्मेलन में जोरदार गुंजायमान हो गया।
जिलाध्यक्ष डॉ.मनोज माने जी ने डॉ. मुखर्जी के जीवन पर अपने विचार प्रकट करते हुवे मात्र 52 वर्ष की उम्र में उनके द्वारा किए गए कार्यो की प्रशंसा करते हुवे उनके बताए मार्ग पर चलने की बात कही। सम्मेलन की रूपरेखा एवं कार्यकर्ताओं को ंसगठन के प्रति इमानदारी से कार्य करने , डीजीटल प्रशिक्षण अभियान को 6 जुलाई तक पुर्ण करने को अभियान बनाकर कार्य करने की बात कही।
सम्मेलन को जिला प्रभारी श्री क्षितिज जी भटट ने संबोधित करते हुवे डॉ. मुखर्जी के जीवन वृतांत के अनके पहलुओं पर प्रकाश डाला। आपने कहा कि डॉ. मुखर्जी द्वारा परमीट प्रथा ,धारा 370 एवं 35 ए का विरोध , 2 विधान,2 प्रधान 2निशान का भी विरोध करने के लिए डॉ. मुखर्जी का स्मरण करते ुहवे जनसंध की स्थपना कर देश प्रेम,राष्ट्रवाद के बिजारोपण की बात कही।
सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने आपने संबोधन में कहा कि भाजपा विश्व की सबसे बडी पार्टी है और 22 राज्यों में हमारी सरकार हे। विकसीत भारत 2047 के लक्ष्य को लेकर हम चल रहे है। जो संकल्प 2047 का लिया है उसे संगठन और कार्यकर्ताओं के विश्वास व सहयोग से केन्द्र व राज्य सरकार की योजनाओं के प्रचार -प्रसार और उनका क्रियांन्वयन कराकर जन-जन तक लाभ पहुचाकर ही प्राप्त किया जा सकता है। आपने कहा कि देश के कोने कोने तक भाजपा सरकार औरसंगठन काम कर रहा हे। आपने डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी के जीवन पर प्रकाश डाला। और 370,35 ए की समाप्ती, राम मंदिर का निर्माण आदि विकास कार्यो को उल्लेखनिय बताया।
प्रदेश भाजपा प्रवक्त्ता एवं विधायक श्रीमती अर्चना चिटनिस दीदी ने डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी संस्मरण पखवाड़ा के अंतर्गत आयोजित भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यकर्ता सम्मेलन में सहभागिता करने और अपने ऊर्जावान कार्यकर्ताओं को संबोधित करतें हुवे इस महत्वपूर्ण अवसर पर कहा कि संगठन की मूल विचारधारा, राष्ट्रसेवा और जनकल्याण के संकल्प को और अधिक सशक्त व प्रभावी बनाने का आह्वान किया। आपेन कहा कि देवतुल्य कार्यकर्ता ही संगठन की असली शक्ति हैं,जिनकी मेहनत से आज पार्टी जन.जन के विश्वास का केंद्र बनी है। परम श्रद्धेय डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी के प्रखर राष्ट्रवादी विचारों, संगठन के प्रति उनके अनन्य समर्पण और अखंड भारत के महान संकल्प से प्रेरणा लेकर हम सभी जनसेवा तथा राष्ट्र निर्माण के कार्यों को निरंतर नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
नेपा विधायक मंजु दादु ने भी संबोधित करते हुवे डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्र,ॉजली अर्पित की। उन्होने डॉ. मुखर्जी के जीवन संधर्ष को आत्मसात करने की बात करते हुवे कार्यकर्ताओं से संगठन के कार्यो को ,मिलने वाले दायित्वो को समयबद्ध तरीके से पुरा करने पर जोर दिया।
भारतीय जनता पार्टी जिला मिडिया प्रभारी मुकेश कुमार पुर्वे ने उपरोक्त जानकारी देते हुवे बताया कि इस दौरान डीजीटल पशिक्षण के लिए बडी स्क्रीन पर विडियों के माध्यम से जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम में जिले के समस्त बूथ अध्यक्ष व बूथ समिति सदस्य, शक्ति केंद्र पालक ,सह पालक ,संयोजक सह संयोजक,सोशल मीडिया प्रभारी,आय टी प्रभारी ,त्रिदेव,समस्त वर्तमान एवं पूर्व मंडल व जिला पदाधिकारी व जिला कार्यसमिति,वर्तमान एवं पूर्व मोर्चा .प्रकोष्ठ के पदाधिकारी व कार्यकारिणी ,वर्तमान व पूर्व जनप्रतिनिधि गण एवं वरिष्ठ जन और सभी कार्यकर्ता बंधु भी उपस्थित थे। संचालन एवं आभार जिला महामंत्री द्वय चिंतांमन महाजन एवं ईश्वर चौहान ने माना।

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