हिंदुस्तान जिंक पर ब्रोकरेज का भरोसा बढ़ा: उत्पादन लागत में कमी और मजबूत एबिटडा से शेयरों में तेजी की उम्मीद

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मुंबई: हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड के वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के शानदार नतीजों के बाद ब्रोकरेज हाउसों का भरोसा कंपनी पर और मजबूत हो गया है। कंपनी की उत्पादन लागत (सीओपी) के पांच साल के निचले स्तर पर आने और सिल्वर कारोबार में हुई जबरदस्त वृद्धि ने निवेशकों के उत्साह को बढ़ा दिया है। इस सकारात्मक प्रदर्शन को देखते हुए कई प्रमुख ब्रोकरेज हाउसों ने शेयर के लिए अपने लक्ष्य मूल्य (टारगेट प्राइस) को बढ़ा दिया है।

चौथी तिमाही के नतीजों में सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि रिफाइंड जिंक की उत्पादन लागत में आई गिरावट रही। रॉयल्टी को छोड़कर सीओपी तिमाही-दर-तिमाही 4% घटकर 903 डॉलर प्रति टन पर आ गई है, जो सालाना आधार पर 9% की कमी दर्शाती है। यह कंपनी द्वारा अंडरग्राउंड माइनिंग पर पूर्ण रूप से शिफ्ट होने के बाद दर्ज की गई अब तक की सबसे कम तिमाही लागत है। कंपनी ने इस तिमाही में 5,033 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड शुद्ध लाभ अर्जित किया, जो सालाना आधार पर 68% अधिक है, जबकि एबिटडा 61% बढ़कर 7,747 करोड़ रुपये के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया।

ब्रोकरेज हाउसों ने इन नतीजों पर अपनी अलग-अलग राय दी है, लेकिन सभी का झुकाव सकारात्मक है:

  • जेफरीज (Jefferies): कंपनी के शानदार नतीजे और एबिटडा में चांदी की बढ़ती हिस्सेदारी को देखते हुए, ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखी है और 700 रुपये का लक्ष्य मूल्य दिया है।
  • एचएसबीसी ग्लोबल (HSBC Global): कंपनी की मजबूत बैलेंस शीट और कैश फ्लो के आधार पर लक्ष्य मूल्य 720 रुपये से बढ़ाकर 730 रुपये कर दिया है।
  • नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज (Nuvama): कंपनी को ‘रिड्यूस’ से अपग्रेड कर ‘बाय’ रेटिंग दी है और 700 रुपये का लक्ष्य रखा है।
  • जेएम फाइनेंशियल (JM Financial): कंपनी के उम्मीद से बेहतर एबिटडा प्रदर्शन को देखते हुए ‘बाय’ रेटिंग के साथ 765 रुपये का लक्ष्य बरकरार रखा है।
  • यस सिक्योरिटीज (Yes Securities): ‘एड’ रेटिंग के साथ 682 रुपये का लक्ष्य दिया है।

कंपनी की नेट कैश स्थिति भी दिसंबर 2025 में 3 अरब रुपये से बढ़कर अब 56 अरब रुपये हो गई है, जो इसकी वित्तीय मजबूती का प्रमाण है। इसके साथ ही, कंपनी ने 11 रुपये प्रति शेयर के अंतरिम डिविडेंड की घोषणा भी की है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि टाइट सप्लाई और कमोडिटी की ऊंची कीमतों के दौर में हिंदुस्तान जिंक की कुशल माइनिंग रणनीति और चांदी पर फोकस इसे अन्य धातु कंपनियों के मुकाबले अधिक आकर्षक बनाता है। पिछले 12 महीनों में शेयरों में 32% की बढ़त पहले ही यह साबित कर चुकी है कि कंपनी ने बाजार के बेंचमार्क को पीछे छोड़ा है।

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