भोपाल, 14 मई, 2026: भारत के प्रमुख मल्टी-एसेट इंफ्रास्ट्रक्चर प्लेटफॉर्म, दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड (DBL) ने वित्त वर्ष 2025-26 के ऑडिटेड वित्तीय परिणामों की घोषणा की है। कंपनी ने ‘DBL 2.0’ रणनीति के तहत अपने पारंपरिक ईपीसी (EPC) कारोबार से आगे बढ़ते हुए माइनिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर एसेट्स जैसे दीर्घकालिक क्षेत्रों में मजबूत पैठ बनाई है।
वित्तीय प्रदर्शन की मुख्य विशेषताएं (वित्त वर्ष 2025-26): वित्तीय वर्ष के दौरान कंपनी का प्रदर्शन विविधीकरण और स्थिरता पर केंद्रित रहा:
- राजस्व (Revenue): ईपीसी कारोबार से ₹7,005 करोड़ और माइनिंग सेक्टर से ₹1,692 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ।
- लाभ (PAT): स्टैंडअलोन आधार पर कंपनी ने ₹842 करोड़ का शुद्ध लाभ (PAT) दर्ज किया, जबकि कंसोलिडेटेड पीएटी ₹1,398 करोड़ रहा।
- ऑर्डर बुक: 31 मार्च 2026 तक कंपनी की ऑर्डर बुक ₹28,830 करोड़ के ऐतिहासिक स्तर पर पहुँच गई है, जो भविष्य के विकास की मजबूत नींव दर्शाती है।
DBL 2.0 और रणनीतिक बदलाव: चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक दिलीप सूर्यवंशी ने परिणामों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं और बाहरी चुनौतियों के बावजूद कंपनी का ध्यान अब ऐसे एसेट पोर्टफोलियो के निर्माण पर है जो 25 से 50 वर्षों तक स्थिर आय सुनिश्चित कर सकें। सीईओ देवेंद्र जैन ने बताया कि हालांकि बढ़ती इनपुट लागत के कारण मार्जिन पर कुछ दबाव रहा, लेकिन कंपनी ने माइनिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर व्यवसायों में अपनी स्थिति को और मजबूत किया है।
भविष्य की रणनीति और ऋण प्रबंधन: रोशन सूर्यवंशी ने कंपनी के वित्तीय ढांचे पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि कंपनी का ऋण मुख्य रूप से एसेट और प्रोजेक्ट आधारित है। ‘DBL 2.0’ का मुख्य उद्देश्य मध्यम अवधि में कंपनी को नेट डेट फ्री (ऋण मुक्त) बनाना है।
प्रमुख वित्तीय आंकड़े (चौथी तिमाही – कंसोलिडेटेड):
- राजस्व: ₹2,300 करोड़
- एबिटडा (EBITDA): ₹392 करोड़ (17.06% मार्जिन)
- शुद्ध लाभ (PAT): ₹124 करोड़
कंपनी आने वाले समय में अनुशासित पूंजी आवंटन, माइनिंग ऑपरेशंस से कैश फ्लो बढ़ाने और इनविट (InvIT) पोर्टफोलियो के विस्तार के माध्यम से अपनी बैलेंस शीट को और अधिक सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
