मुंबई: गोदरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप का एयरोस्पेस व्यवसाय अपनी उन्नत प्रिसिजन इंजीनियरिंग और वैश्विक साझेदारी के माध्यम से भारत की एयरोस्पेस क्षमताओं को मजबूती प्रदान कर रहा है. कंपनी एयरो इंजन के सभी मॉड्यूल बनाने की क्षमता रखने वाली भारत की एकमात्र निजी कंपनी बन गई है, जो ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन को गति दे रही है.
इस विकास यात्रा की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
- वैश्विक साझेदारी और विकास: कंपनी बोइंग, सफरान एयरक्राफ्ट इंजनों, GE एयरोस्पेस, और रोल्स रॉयस जैसे दिग्गजों के साथ सहयोग कर रही है. व्यवसाय ने सालाना 25% और निर्यात में 30% से अधिक की वृद्धि दर्ज की है.
- नवाचार के लिए बड़ा निवेश: अगले तीन वर्षों में डिजाइन, अनुसंधान एवं विकास (R&D) और उन्नत डिजिटल विनिर्माण के लिए ₹100 करोड़ के निवेश की योजना बनाई गई है. कंपनी अब ‘बिल्ट-टू-प्रिंट’ से ‘बिल्ट-टू-स्पेसिफिकेशन’ की ओर कदम बढ़ा रही है.
- खालापुर में नई विनिर्माण सुविधा: महाराष्ट्र के खालापुर में 100 एकड़ में फैली नई मैन्युफैक्चरिंग सुविधा स्थापित की गई है, जिसमें दो प्लांट शामिल हैं. यह केंद्र भारत और वैश्विक स्तर पर उन्नत एयरोस्पेस कार्यक्रमों के लिए क्षमता विस्तार का काम करेगा.
- महाराष्ट्र का उभरता स्वरूप: कुशल प्रतिभा और बेहतर कनेक्टिविटी के कारण महाराष्ट्र वैश्विक एयरोस्पेस सप्लाई चेन हब बनने की ओर अग्रसर है.
बिजनेस हेड (एयरोस्पेस) मानेक बेहरामकामदीन ने बताया कि नवाचार और उन्नत मैन्युफैक्चरिंग में निवेश के साथ गोदरेज अब एक डिजाइन-आधारित इंजीनियरिंग पार्टनर बन गया है, जो एकीकृत एयरोस्पेस सिस्टम प्रदान करने में सक्षम है.
