(हफीजुल्ला की परदादी ने 1936 में रजिस्टर्ड बिक्री-पत्र से खरीदा था, तब से उनके कब्जे/मालिकी में है मकान——- अधिवक्ता मनोज अग्रवाल)
बुरहानपुर दि .19.03.2026 :– मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने हाल ही में अभूतपूर्व फैसला देते हुए वक़्फ़ अधिकरण भोपाल के 2015 में दिए गए आदेश को निरस्त कर दिया । उल्लेखनीय है कि वक़्फ़ अधिकरण भोपाल ने हफीजुल्लाह की पैतृक संपत्ति वाले मकान को वर्ष 2015 में “वक़्फ़-संपत्ति ” घोषित कर दिया था । इस आदेश को हफिजउल्ला के परिवार द्वारा मा. हाईकोर्ट में बुरहानपुर के अपने अधिवक्ता श्री मनोज कुमार अग्रवाल के माध्यम से चुनौती दी गई । श्री अग्रवाल ने बताया कि वर्ष 1936 में हफीजुल्ला की परदादी ने पंजीकृत विक्रय पत्र के माध्यम से उक्त मकान खरीदा था, किंतु 75 साल बाद वर्ष 2011 में वक्फ बोर्ड भोपाल की आपत्ति पर, वर्ष 2015 में वक़्फ़ अधिकरण भोपाल ने, हफिजउल्ला के पुर्वजों से होते हुए हफिजउल्ला की मालकी की उक्त संपत्ति /मकान को “वक़्फ़ संपत्ति” घोषित कर दिया था, वक़्फ़ अधिकरण भोपाल के इस उक्त आदेश को अब मा. हाईकोर्ट ने निरस्त कर दिया है । न्यायिक क्षेत्र में हाईकोर्ट का यह आदेश मील का पत्थर माना जा रहा है ।
