मुंबई: आईसीआईसीआई बैंक ने अपने ग्राहकों के बैंकिंग अनुभव को अधिक सुरक्षित और सरल बनाने के लिए मोबाइल बैंकिंग ऐप ‘iMobile’ पर यूपीआई लेनदेन के लिए ‘बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन’ (Biometric Authentication) की सुविधा शुरू की है। इस नई तकनीक के माध्यम से ग्राहक अब ₹5,000 तक के यूपीआई भुगतान को केवल फिंगरप्रिंट या फेस रिकग्निशन (चेहरे की पहचान) के जरिए अधिकृत कर सकेंगे। इस सुविधा के आने से निर्धारित सीमा तक के लेनदेन के लिए मैन्युअल रूप से यूपीआई पिन दर्ज करने की आवश्यकता समाप्त हो गई है।
सुरक्षा और सुविधा का बेहतर तालमेल बैंक के अनुसार, बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन न केवल भुगतान की गति को बढ़ाता है, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी अत्यंत प्रभावी है। यह सार्वजनिक स्थानों पर ‘शोल्डर सर्फिंग’ (किसी के द्वारा झाँककर पिन देखना) के जोखिम को कम करता है। ग्राहक इस सुविधा का उपयोग पीयर-टू-पीयर मनी ट्रांसफर, क्यूआर कोड स्कैनिंग और ऑनलाइन शॉपिंग जैसे विभिन्न यूपीआई लेनदेन के लिए कर सकते हैं। हालांकि, सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए ₹5,000 से अधिक के लेनदेन के लिए अभी भी मौजूदा यूपीआई पिन दर्ज करना अनिवार्य होगा।
तकनीकी उपलब्धता और सक्रियता यह सुविधा Android (v30) और iOS (v28.2) के नवीनतम iMobile ऐप वर्जन पर उपलब्ध है। जहां Android उपयोगकर्ता फिंगरप्रिंट का उपयोग कर सकते हैं, वहीं iOS उपयोगकर्ता फेस रिकग्निशन के जरिए लेनदेन पूरा कर सकेंगे। आईसीआईसीआई बैंक के प्रवक्ता ने बताया कि यह कदम वर्तमान नियामक दिशानिर्देशों के अनुरूप है और ग्राहकों को उनकी सुविधा के अनुसार पिन-आधारित या बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन चुनने का विकल्प देता है।
बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण सक्रिय करने के चरण:
- iMobile ऐप में लॉग इन करें और ‘UPI भुगतान’ अनुभाग में जाएं।
- ‘UPI सेटिंग्स’ में जाकर उस खाता संख्या का चयन करें जिसके लिए बायोमेट्रिक सक्षम करना है।
- ‘Use biometric for payments’ विकल्प चुनें और ‘Proceed’ पर क्लिक करें।
- सत्यापन के लिए अपना यूपीआई पिन दर्ज करें और अंत में डिवाइस-स्तरीय बायोमेट्रिक डेटा को प्रमाणित करें।
यह पहल आईसीआईसीआई बैंक की तकनीक-आधारित और ग्राहक-केंद्रित बैंकिंग के प्रति प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है।
