पेज इंडस्ट्रीज लिमिटेड के मुनाफे में शानदार बढ़त; चौथी तिमाही में राजस्व 14.1% और शुद्ध लाभ 9% बढ़ा

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बेंगलुरु : भारत की अग्रणी अपैरल (वस्त्र) निर्माता कंपनी, पेज इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने आज 31 मार्च, 2026 को समाप्त चौथी तिमाही और पूरे वित्तीय वर्ष के अपने वित्तीय परिणामों की घोषणा की है। कंपनी ने समीक्षाधीन तिमाही के दौरान बिक्री की मात्रा (sales volume) में मजबूत वृद्धि दर्ज की है, जो सभी वितरण चैनलों में मजबूत उपभोक्ता मांग और बेहतर परिचालन को दर्शाती है।

वित्तीय प्रदर्शन के मुख्य आकर्षण वित्तीय वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (Q4 FY26) के दौरान, पेज इंडस्ट्रीज का राजस्व (Revenue) साल-दर-साल (YoY) 14.1% बढ़कर ₹12,526 मिलियन पर पहुंच गया। राजस्व की इस वृद्धि को मुख्य रूप से सेल्स वॉल्यूम में दर्ज की गई 10.8% की सालाना बढ़त से समर्थन मिला, जो इस तिमाही में 54.5 मिलियन पीस रही। इस अवधि के लिए कंपनी का एबिटडा (EBITDA) ₹2,605 मिलियन रहा, जिसमें सालाना आधार पर 10.7% की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं, चौथी तिमाही के लिए कंपनी का टैक्स के बाद शुद्ध लाभ (PAT) 9% की वार्षिक वृद्धि के साथ ₹1,787 मिलियन दर्ज किया गया।

31 मार्च, 2026 को समाप्त पूरे वित्तीय वर्ष 2025-26 (FY26) की बात करें तो कंपनी ने ₹52,468 मिलियन का वार्षिक राजस्व अर्जित किया है, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 6.3% अधिक है। इस पूरे वर्ष के लिए एबिटडा 8.5% की बढ़त के साथ ₹11,529 मिलियन रहा, जबकि वार्षिक शुद्ध लाभ (PAT) 4.8% की सालाना वृद्धि के साथ ₹7,638 मिलियन पर बंद हुआ।

प्रबंधन की टिप्पणी और भविष्य का दृष्टिकोण वित्तीय परिणामों पर टिप्पणी करते हुए, पेज इंडस्ट्रीज लिमिटेड के प्रबंध निदेशक, श्री वी.एस. गणेश ने कहा, “हम राजस्व और लाभप्रदता दोनों में स्वस्थ वृद्धि के साथ एक मजबूत तिमाही के परिणाम घोषित करते हुए बेहद प्रसन्न हैं। अपने उत्पाद पोर्टफोलियो और उनकी विशेषताओं को लगातार समृद्ध करने पर हमारे ध्यान के साथ-साथ उपभोक्ता अनुभव के उच्च मानकों ने बाजार में हमारी स्थिति को मजबूत करने में योगदान दिया है। इस तिमाही के दौरान सभी वितरण चैनलों (distribution channels) में मांग के उत्साहजनक रुझानों ने भी वॉल्यूम-आधारित राजस्व वृद्धि को मजबूत समर्थन दिया है।”

सकारात्मक उपभोक्ता भावना, रिटेल क्षेत्र के निरंतर आधुनिकीकरण और एक लचीली अर्थव्यवस्था के दम पर कंपनी अपनी विकास गति को बनाए रखने के लिए पूरी तरह आश्वस्त है। हालांकि मुख्य इनपुट लागतों, विशेष रूप से कपास (cotton) पर मुद्रास्फीति का दबाव लगातार बना हुआ है, लेकिन पेज इंडस्ट्रीज रणनीतिक सोर्सिंग पहलों, आपूर्ति श्रृंखला (supply chain) के अनुकूलन, परिचालन क्षमताओं और कैलिब्रेटेड मूल्य निर्धारण (calibrated pricing) के माध्यम से इन चुनौतियों का कुशलतापूर्वक प्रबंधन करने के लिए मजबूत स्थिति में है।

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