सांची दूध के दाम में 2 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि 15 मई से प्रभावी
बढ़ी हुई खरीदी लागत, परिवहन व्यय एवं ग्रीष्मकालीन दबाव के चलते लिया गया निर्णय
भोपाल, 14 मई। मध्यप्रदेश राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ ने उपभोक्ताओं को उच्च गुणवत्ता वाला दूध सतत उपलब्ध कराने तथा दुग्ध उत्पादक किसानों के हितों की रक्षा को ध्यान में रखते हुए सांची दूध के कुछ प्रमुख वेरिएंट्स के मूल्य में 2 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि करने का निर्णय लिया है। नई दरें 15 मई 2026 से प्रदेशभर में प्रभावी होंगी।
महासंघ द्वारा जारी जानकारी के अनुसार समय समय पर मूल्य वृद्धि की जाती है तथा की जाने वाली मूल्य वृद्धि का एक हिस्सा दुग्ध किसानों को दिया जाता है। इसी प्रक्रिया के अंतर्गत सांची गोल्ड, सांची ताजा एवं अन्य प्रमुख एक लीटर श्रेणी के दूध पैकेटों की कीमतों में यह संशोधन किया गया है। वहीं 180 मिलीलीटर एवं 170 मिलीलीटर के छोटे पैक की कीमतों में कोई वृद्धि नहीं की गई है, ताकि गरीब एवं निम्न आय वर्ग के उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक भार न पड़े।
मध्यप्रदेश राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ के प्रबंध संचालक डॉ. संजय गोवाणी ने बताया कि ग्रीष्मकाल के दौरान दूध उत्पादन एवं संग्रहण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, जिसके कारण किसानों को दिए जाने वाले खरीदी मूल्य में वृद्धि की जाती है। इसके अतिरिक्त परिवहन व्यय, पशु आहार, ऊर्जा लागत तथा अन्य संचालन संबंधी खर्चों में भी लगातार बढ़ोतरी हुई है। इन परिस्थितियों को देखते हुए दूध की गुणवत्ता एवं नियमित आपूर्ति बनाए रखने के लिए मूल्य संशोधन आवश्यक हो गया था।
उन्होंने बताया कि महासंघ का प्रमुख उद्देश्य प्रदेश के दुग्ध उत्पादक किसानों को उचित मूल्य उपलब्ध कराना तथा उपभोक्ताओं तक सुरक्षित एवं गुणवत्तायुक्त दूध पहुंचाना है। सांची ब्रांड प्रदेश में सहकारी व्यवस्था के माध्यम से लाखों किसानों की आजीविका से जुड़ा हुआ है।
प्रदेश में वर्तमान में सांची दूध की दैनिक पैकेज्ड बिक्री लगभग 7.5 लाख लीटर प्रतिदिन है। भोपाल एवं इंदौर सांची दूध के सबसे बड़े उपभोक्ता बाजार बने हुए हैं। भोपाल में प्रतिदिन लगभग 3.06 लाख लीटर तथा इंदौर में लगभग 2.35 लाख लीटर दूध की बिक्री हो रही है। इसके अलावा उज्जैन एवं बुंदेलखंड क्षेत्र में भी मांग में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है।
महासंघ ने विश्वास व्यक्त किया है कि उपभोक्ताओं का सांची ब्रांड के प्रति भरोसा आगे भी बना रहेगा तथा उन्हें शुद्ध, ताजा एवं गुणवत्तापूर्ण दूध पूर्ववत उपलब्ध कराया जाता रहेगा।
