भारतीय स्टेट बैंक ने बिसलेरी के “बॉटल्स फॉर चेंज” अभियान के तहत जिम्मेदार प्लास्टिक कचरा प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए बिसलेरी इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड के साथ की साझेदारी

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मुंबई : देश के सबसे बड़े बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने आज एसबीआई की शाखाओं/कार्यालयों में जिम्मेदार प्लास्टिक कचरा प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए बिसलेरी इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड (Bisleri International Pvt. Ltd.) के साथ एक जुड़ाव पत्र (Letter of Association) पर हस्ताक्षर किए। इस सहयोग के हिस्से के रूप में, बिसलेरी एसबीआई के कर्मचारियों और हाउसकीपिंग स्टाफ के लिए जिम्मेदार प्लास्टिक कचरा प्रबंधन पर प्रशिक्षण व जागरूकता सत्र आयोजित करेगी, एसबीआई कार्यालयों से प्रयुक्त प्लास्टिक कचरा एकत्र करेगी और उसे पुनर्चक्रण (रिसाइक्लिंग) के लिए भेजेगी।

“बॉटल्स फॉर चेंज” (Bottles for Change) भारत के अग्रणी पैक्ड वॉटर ब्रांड बिसलेरी की एक पहल है, जिसके माध्यम से कंपनी जिम्मेदार प्लास्टिक कचरा प्रबंधन पर जागरूकता पैदा करने के लिए संस्थानों, हाउसिंग सोसाइटीज, कॉरपोरेट्स और समुदायों को जोड़ती है। एसबीआई और बिसलेरी के बीच इस साझेदारी का उद्देश्य जिम्मेदार प्लास्टिक कचरा प्रबंधन के माध्यम से टिकाऊ बदलाव को बढ़ावा देकर सर्कुलर इकोनॉमी की ओर भारत के परिवर्तन का समर्थन करना और 2070 तक शुद्ध-शून्य (नेट जीरो) उत्सर्जन के अपने लक्ष्य को हासिल करना भी है।

साझेदारी पर बोलते हुए, भारतीय स्टेट बैंक के प्रबंध निदेशक (जोखिम, अनुपालन और एसएआरजी), श्री रवि रंजन ने कहा, “‘बॉटल्स फॉर चेंज’ पहल के तहत बिसलेरी के साथ हमारा सहयोग हमारे रोजमर्रा के कार्यस्थल संस्कृति में टिकाऊ प्रथाओं को शामिल करने की दिशा में एक कदम है। हमारा मानना है कि जब कर्मचारियों को जिम्मेदार विकल्प चुनने के लिए सशक्त बनाया जाता है, तो वह जागरूकता हमारे कार्यालयों से बहुत आगे बढ़कर उन समुदायों तक फैलती है जिनकी हम सेवा करते हैं और जिनका हम हिस्सा हैं। सतत विकास और जलवायु-सचेत पहल ‘विकसित भारत 2047’ की दिशा में भारत की यात्रा में महत्वपूर्ण स्तंभ हैं, और इस तरह की साझेदारियां उस बड़े दृष्टिकोण को जमीन पर सार्थक कार्रवाई में बदलने में मदद कर सकती हैं।”

सहयोग पर टिप्पणी करते हुए, बिसलेरी इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ, डॉ. एंजेलो जॉर्ज ने कहा, “जिम्मेदार प्लास्टिक कचरा प्रबंधन जागरूकता और सामूहिक कार्रवाई से शुरू होता है। भारतीय स्टेट बैंक के साथ हमारी साझेदारी ‘बॉटल्स फॉर चेंज’ के माध्यम से भारत के सबसे बड़े संस्थानों में से एक की पहुंच और बिसलेरी के अनुभव को एक साथ लाती है ताकि प्रयुक्त प्लास्टिक के जिम्मेदार पृथक्करण, संग्रह और पुनर्चक्रण (रिसाइक्लिंग) को प्रोत्साहित किया जा सके। एसबीआई कार्यालयों में कर्मचारियों को शामिल करके, हमारा लक्ष्य कार्यस्थल पर जिम्मेदार प्रथाओं का निर्माण करना है जो घरों और समुदायों तक फैल सकें। हमारा मानना है कि यह सहयोग प्लास्टिक के लिए सर्कुलर इकोनॉमी को आगे बढ़ाने में कॉर्पोरेट भागीदारी के लिए एक स्केलेबल मॉडल बन सकता है।”

यह साझेदारी जिम्मेदार विकास और पर्यावरण संरक्षण के प्रति एसबीआई की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करती है, जबकि अपने संचालन में टिकाऊ प्रथाओं को बढ़ावा देती है और अपने शताब्दी वर्ष – 2055 तक नेट जीरो (स्कोप 1, 2 और 3) का लक्ष्य हासिल करती है। जिम्मेदार प्लास्टिक कचरा प्रबंधन और रिसाइक्लिंग को प्रोत्साहित करके, एसबीआई और बिसलेरी का लक्ष्य अधिक जागरूकता को बढ़ावा देना और भारत के लिए अधिक संसाधन-कुशल व टिकाऊ भविष्य में योगदान देना है।

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