. कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि आदिवासी सम्मान और सशक्तिकरण को लेकर भाजपा बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन विश्व आदिवासी दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की ओर से आदिवासी समाज को शुभकामना तक नहीं दी गई…
कांग्रेस का कहना है कि सवाल सिर्फ शुभकामना देने या नहीं देने का नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के प्रति राजनीतिक सोच और प्राथमिकता का है…
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान आदिवासी समाज को विशेष महत्व दिया जाता है, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद जल, जंगल, जमीन, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और संवैधानिक अधिकारों से जुड़े मुद्दे पीछे छूट जाते हैं…
कांग्रेस ने मध्य प्रदेश सरकार से भी आदिवासी क्षेत्रों में विकास को लेकर जवाब मांगा है…
पार्टी ने पूछा है कि आदिवासी युवाओं के लिए कितने रोजगार के अवसर पैदा हुए, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं में कितना सुधार हुआ और वनाधिकार कानून के तहत दावों का कितनी पारदर्शिता से निराकरण किया गया कांग्रेस ने कहा कि आदिवासी समाज को सिर्फ पोस्टर, प्रचार और चुनावी वादों तक सीमित नहीं किया जा सकता…
आदिवासी समाज को शुभकामनाओं के साथ-साथ अपने अधिकार, सम्मान, सुरक्षा और न्याय भी चाहिए…
कांग्रेस ने भाजपा से सीधे सवाल करते हुए कहा कि आदिवासी समाज को वोट बैंक नहीं, बल्कि देश के विकास का समान भागीदार माना जाना चाहिए… और जल, जंगल, जमीन, शिक्षा, रोजगार तथा संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए सरकार को जमीन पर ठोस परिणाम दिखाने होंगे।
