सीहोर : भारतीय छात्रों को वैश्विक मंच पर मजबूत बनाने और अंतरराष्ट्रीय शोध के अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से वीआईटी भोपाल विश्वविद्यालय ने एक बड़ा कदम उठाया है। विश्वविद्यालय ने अमेरिका की प्रतिष्ठित ‘यनीवर्सिटी ऑफ एरिजोना’ के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत छात्रों के लिए ‘इलेक्ट्रिकल और कंप्यूटर इंजीनियरिंग’ में एक विशेष ग्लोबल 3+1+1 शैक्षणिक पाथवे कार्यक्रम शुरू किया गया है।
इस साझेदारी के माध्यम से वीआईटी भोपाल के छात्रों को एक त्वरित (एक्सेलेरेटेड) अंतरराष्ट्रीय मार्ग मिलेगा, जिससे वे यूनिवर्सिटी ऑफ एरिजोना के कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से इलेक्ट्रिकल और कंप्यूटर इंजीनियरिंग में मास्टर ऑफ साइंस (MS) की डिग्री हासिल कर सकेंगे।
क्या है 3+1+1 कार्यक्रम की संरचना?
इस विशेष शैक्षणिक कार्यक्रम के तहत छात्रों की पढ़ाई का ढांचा इस प्रकार होगा:
- पहले 3 वर्ष: छात्र वीआईटी भोपाल विश्वविद्यालय में अपनी प्रारंभिक इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करेंगे।
- चौथा वर्ष (+1): इसके बाद वे एक साल की पढ़ाई के लिए अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ एरिजोना जाएंगे।
- पांचवां वर्ष (+1): इसके बाद एक और अतिरिक्त वर्ष अमेरिका में अध्ययन कर छात्र अपनी मास्टर डिग्री (MS) पूरी कर सकेंगे।
वैश्विक नवाचार और नेतृत्व पर जोर
इस ऐतिहासिक सहयोग पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए वीआईटी भोपाल विश्वविद्यालय की असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट, सुश्री कादंबरी एस. विश्वनाथन ने कहा:
“इंजीनियरिंग शिक्षा का भविष्य वैश्विक अनुभव, बहु-विषयक शोध और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप शिक्षा पर निर्भर करता है। यूनिवर्सिटी ऑफ एरिजोना के साथ इस साझेदारी के जरिए हम एक ऐसा मार्ग तैयार कर रहे हैं जो छात्रों को उन्नत इंजीनियरिंग क्षेत्रों में मजबूत नींव देने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक माहौल का अनुभव कराएगा। हमारा लक्ष्य छात्रों को सिर्फ नौकरी के लिए नहीं, बल्कि वैश्विक नवाचार और नेतृत्व के लिए तैयार करना है।”
यह साझेदारी वीआईटी भोपाल विश्वविद्यालय की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है जिसके तहत वह छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के अवसर देने और शोध-आधारित इंजीनियरिंग शिक्षा में खुद को एक भविष्योन्मुखी संस्थान के रूप में स्थापित करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।
