एस्सेल ग्रुप की यात्रा के 100 स्वर्णिम वर्ष पूरे; ‘स्टार्ट-अप सोच’ और नवाचार से राष्ट्र निर्माण में दिया ऐतिहासिक योगदान

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मुंबई : भारत के सबसे प्रतिष्ठित और बहुआयामी कारोबारी समूहों में शुमार एस्सेल ग्रुप (Essel Group) ने अपनी वैश्विक व्यावसायिक यात्रा के 100 शानदार वर्ष पूरे कर एक ऐतिहासिक मील का पत्थर छू लिया है। वर्ष 1926 में आदमपुर के एक छोटे से कस्बे से शुरू हुआ यह सफर आज एक विशाल वैश्विक साम्राज्य में तब्दील हो चुका है। बीती एक सदी में समूह ने ‘इम्प्रेशन ऑफ ए सेंचुरी’ (Impression of a Century) की भावना को साकार करते हुए देश में 1 करोड़ से अधिक रोजगार के अवसरों का सृजन किया है।

पारंपरिक व्यापार से भारत के पहले ‘स्टार्ट-अप’ तक का सफर 1967 के बाद से एस्सेल ग्रुप ने पारंपरिक कमोडिटी ट्रेडिंग से आगे बढ़ते हुए खुद को एक आधुनिक स्टार्ट-अप संस्कृति वाले समूह के रूप में ढाला। डॉ. सुभाष चंद्र और उनके भाइयों—लक्ष्मी नारायण, जवाहर और अशोक गोयल—के दूरदर्शी नेतृत्व में समूह ने जोखिम उठाने और नए उद्योगों को स्थापित करने का साहस दिखाया। आज इस समूह की समृद्ध विरासत सफलतापूर्वक अपनी छठी पीढ़ी में प्रवेश कर चुकी है।

इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन डॉ. सुभाष चंद्र ने दुनिया भर के 10,000 से अधिक कर्मचारियों को एक विशेष टाउनहॉल के जरिए संबोधित किया। उन्होंने कहा, “एस्सेल ग्रुप की यात्रा दृढ़ संकल्प, संघर्ष और नवाचार की अनूठी कहानी है। हमारा हमेशा से मानना रहा है कि असली प्रगति वही है जो समाज और राष्ट्र दोनों के लिए मूल्य पैदा करे। हमें गर्व है कि हमारी यात्रा देश की प्रगति के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ी है।”

राष्ट्र निर्माण में एस्सेल ग्रुप की प्रमुख उपलब्धियाँ:

  • पैकेजिंग क्षेत्र में वैश्विक क्रांति: ‘एस्सेल प्रोपैक’ के माध्यम से समूह ने भारत में आधुनिक लैमिनेटेड प्लास्टिक ट्यूब तकनीक की शुरुआत की। पांच महाद्वीपों में पैर पसारकर यह देश की पहली सफल बहुराष्ट्रीय कंपनियों में शामिल हुई, जिसने दुनिया की एक-तिहाई आबादी की रोजमर्रा की सुबह को प्रभावित किया।
  • मीडिया और मनोरंजन उद्योग का कायाकल्प: वर्ष 1992 में देश का पहला निजी सैटेलाइट चैनल ‘ज़ी टीवी’ और 1995 में ‘ज़ी न्यूज़’ लॉन्च कर समूह ने भारतीय मीडिया जगत में क्रांति ला दी। इसके बाद डिश टीवी और सिटी केबल के जरिए कंटेंट डिस्ट्रीब्यूशन को घर-घर तक पहुँचाया गया।
  • साझा मनोरंजन और पर्यटन: एशिया के सबसे बड़े एम्यूजमेंट पार्क ‘एस्सेल वर्ल्ड’ की स्थापना कर समूह ने देश में आधुनिक पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की मजबूत नींव रखी।
  • गुणवत्तापूर्ण शिक्षा: ‘ज़ी लर्न’ और एशिया की सबसे बड़ी प्री-स्कूल श्रृंखला ‘किड्ज़ी’ (2500 से अधिक केंद्र) के माध्यम से ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों तक सस्ती व आधुनिक शिक्षा पहुँचाने का कार्य किया।
  • बुनियादी ढांचा और सामाजिक सरोकार: राजमार्गों, जल प्रबंधन और बिजली वितरण जैसे नागरिक बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ ‘एकल विद्यालय’ और ‘सुभाष चंद्र फाउंडेशन’ के माध्यम से ग्रामीण युवाओं व महिलाओं के सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

अगली सदी का विजन: एस्सेल ग्रुप के अगले 100 वर्ष अपनी मूल उद्यमशीलता की भावना को बरकरार रखते हुए एस्सेल ग्रुप अब भविष्य की तकनीकों की ओर रुख कर रहा है। आने वाले समय में समूह का मुख्य ध्यान टेक्नोलॉजी, डिजिटल और कंटेंट इकोसिस्टम पर केंद्रित होगा। तेजी से उभरती ‘अटेंशन इकॉनमी’ (Attention Economy) में मजबूत हिस्सेदारी हासिल करने के लिए समूह एक एकीकृत और आधुनिक प्लेटफॉर्म तैयार कर रहा है, जो वैश्विक मंच पर भारत के आर्थिक और सांस्कृतिक विकास का अगला अध्याय लिखेगा।

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