मुंबई : वैश्विक स्तर पर क्रिप्टो क्षेत्र की दिग्गज और एसएंडपी-500 (S&P-500) की सदस्य कंपनी कॉइनबेस (Coinbase) ने भारतीय क्रिप्टो बाजार में एक बड़ा और रणनीतिक कदम उठाया है। कंपनी ने भारतीय ग्राहकों के लिए सीधे रुपये (INR) में लेनदेन की सुविधा (Direct INR Rail) लॉन्च की है। इस नई शुरुआत के बाद अब भारतीय ग्राहकों को किसी भी बिचौलिये या पी2पी (P2P) नेटवर्क पर निर्भर नहीं रहना होगा; वे आईएमपीएस (IMPS) के माध्यम से सीधे अपने बैंक खातों से रुपये जमा और निकाल सकेंगे।
कॉइनबेस भारत की फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट (FIU-IND) के साथ पंजीकृत है और भारतीय वित्तीय नियमों का पूरी तरह से अनुपालन करती है।
स्पॉट और पर्पेचुअल फ्यूचर्स ट्रेडिंग की सुविधा
इस डायरेक्ट आईएनआर रेल की मदद से भारतीय ग्राहकों को कई तरह की डिजिटल एसेट्स में स्पॉट ट्रेडिंग के साथ-साथ प्रमुख क्रिप्टो एसेट्स के लिए ‘पर्पेचुअल फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट्स’ (Perpetual Futures) की सुविधा भी मिलेगी। इसके लिए कॉइनबेस ने विशेष रूप से स्थानीय आईएनआर ऑर्डर बुक (Local INR Order Books) तैयार की हैं, जो भारतीय ट्रेडर्स को समर्पित लिक्विडिटी (तरलता) प्रदान करेंगी। इसके साथ ही ग्राहकों को कॉइनबेस के ग्लोबल एक्सचेंज तक भी निर्बाध पहुंच मिलती रहेगी।
ग्लोबल स्टैंडर्ड और एडवांस्ड फीचर्स
अनुभवी ट्रेडर्स के लिए ‘कॉइनबेस एडवांस्ड’ (Coinbase Advanced) के तहत पेशेवर स्तर के टूल्स उपलब्ध कराए गए हैं। इनमें शामिल हैं:
- इंस्टीट्यूशनल एपीआई और वेबसाकेट: संस्थागत मानकों के अनुरूप निर्मित एपीआई (API) और वेबसाकेट ऑर्डर बुक स्ट्रीमिंग।
- ट्रेडिंगव्यू चार्टिंग: बेहतर तकनीकी विश्लेषण के लिए विश्व प्रसिद्ध ट्रेडिंगव्यू (TradingView) चार्ट्स का एकीकरण।
- कम लागत: स्थानीय प्लेटफॉर्म की तुलना में कंपनी के टेकर शुल्क (Taker Fees) बेहद प्रतिस्पर्धी हैं और आईएनआर (INR) जमा करने पर कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसके अलावा, वैश्विक तरलता के कारण कम स्प्रेड और कम स्लिपेज का लाभ मिलेगा।
सुरक्षा और विश्वसनीयता के कड़े मानक
कॉइनबेस अपने ग्राहकों की अधिकांश क्रिप्टो करेंसी को सुरक्षित ‘कोल्ड स्टोरेज’ (Cold Storage) में रखता है। कंपनी एक समर्पित क्राइम इंश्योरेंस पॉलिसी बनाए रखती है और उद्योग सुरक्षा मानकों के अनुसार नियमित रूप से इसका ऑडिट किया जाता है। वैश्विक स्तर पर कॉइनबेस, दुनिया के सबसे बड़े एसेट मैनेजर ‘ब्लैक रॉक’ सहित लगभग एक-तिहाई शीर्ष एसेट प्रबंधकों का कस्टडी पार्टनर है।
भारत के प्रति दीर्घकालिक प्रतिबद्धता और निवेश
कॉइनबेस के एपीएसी (APAC) प्रमुख जॉन ओ’लॉघलेन ने कहा, “डेवलपर प्रतिभा और ब्लॉकचेन तकनीक को अपनाने के मामले में भारत हमेशा से क्रिप्टो के सबसे महत्वपूर्ण बाजारों में से एक रहा है। डायरेक्ट INR रेल्स के जरिए हम कॉइनबेस को भारतीय खुदरा व्यापारियों के लिए पूरी तरह सुलभ बना रहे हैं। हम यहां दीर्घकालिक रूप से बने रहने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
यह लॉन्च भारत में कॉइनबेस के पिछले कई वर्षों के निवेश का हिस्सा है। कंपनी भारत के अग्रणी क्रिप्टो एक्सचेंज ‘कॉइनडीसीएक्स’ (CoinDCX) में एक प्रमुख निवेशक है। इसके अलावा, कॉइनबेस ने अपने एथेरियम लेयर 2 नेटवर्क ‘बेस’ (Base) के माध्यम से हैकाथॉन, अनुदान और फेलोशिप के जरिए भारतीय डेवलपर समुदाय में 1 मिलियन डॉलर से अधिक का निवेश किया है। भारत के 4,000 से अधिक बिल्डरों ने ‘बेस’ पर प्रोजेक्ट बनाए हैं, जिनमें से लगभग 150 प्रोजेक्ट सफल स्टार्टअप में बदल चुके हैं।
कैसे करें इस्तेमाल? मौजूदा कॉइनबेस यूजर्स को आने वाले हफ्तों में उनके ऐप पर आईएनआर रेल की यह सुविधा मिल जाएगी। नए ग्राहक इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए coinbase.com पर जाकर अपना खाता बना सकते हैं।
