अपने क्रेडिट कार्ड को सुरक्षित रखें: धोखाधड़ी से बचने के आसान और व्यावहारिक उपाय

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— अर्णिका दीक्षित, ग्रुप हेड – कार्ड्स, पेमेंट्स एंड वेल्थ मैनेजमेंट, एक्सिस बैंक

आज डिजिटल भुगतान हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं और क्रेडिट कार्ड ने खरीदारी और भुगतान को काफी आसान बना दिया है। लेकिन इस सुविधा के साथ क्रेडिट कार्ड से जुड़ी धोखाधड़ी का खतरा भी बढ़ रहा है। धोखाधड़ी करने वाले लोग ग्राहकों से कार्ड नंबर, सीवीवी, पिन और वन-टाइम पासवर्ड यानी ओटीपी जैसी महत्वपूर्ण जानकारी हासिल करने के लिए नए-नए और चालाक तरीके अपना रहे हैं। इनमें सबसे आम तरीका फिशिंग घोटाला है। इसमें ठग किसी भरोसेमंद संस्था या व्यक्ति का रूप धरकर ग्राहक को अपनी बातों में फंसा लेते हैं। कार्ड स्किमिंग और शिमिंग भी अक्सर इस्तेमाल किए जाने वाले तरीके हैं। वहीं, कार्ड-नॉट-प्रेजेंट धोखाधड़ी में ठग ऑनलाइन खरीदारी के लिए कार्ड की जानकारी का बिना अनुमति इस्तेमाल कर सकते हैं।

इन खतरों से निपटने के लिए बैंकिंग उद्योग ने मजबूत सुरक्षा और नियामकीय व्यवस्थाएं लागू की हैं। इनमें मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन जैसी अनिवार्य सुरक्षा व्यवस्था भी शामिल है।

ग्राहक की सतर्कता भी बेहद जरूरी है

ऐसी धोखाधड़ी को रोकने में ग्राहक की अपनी सतर्कता सबसे पहली और महत्वपूर्ण सुरक्षा है। सबसे जरूरी बात यह है कि सीवीवी, पिन और ओटीपी जैसी गोपनीय जानकारी कभी भी किसी के साथ साझा न करें। बैंक फोन कॉल, संदेश या ईमेल के जरिए कभी भी ऐसी जानकारी नहीं मांगते। ऐसे संदेशों या कॉल से भी सावधान रहें, जिनमें आपसे तुरंत कोई कार्रवाई करने के लिए कहा जाए या डर अथवा जल्दबाजी पैदा की जाए। किसी वेबसाइट पर जानकारी भरने या भुगतान करने से पहले ब्राउजर में ‘https’ और लॉक का निशान जरूर देखें। इससे वेबसाइट के वास्तविक और सुरक्षित होने की पुष्टि करने में मदद मिलती है। लेनदेन के लिए सार्वजनिक वाई-फाई का इस्तेमाल न करें।

रियल-टाइम लेनदेन अलर्ट चालू रखें। इससे किसी संदिग्ध लेनदेन का तुरंत पता चल सकता है और समय रहते कार्रवाई की जा सकती है। अपने क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट की भी नियमित जांच करें, ताकि किसी अनजान या संदिग्ध लेनदेन का पता चल सके।

कुछ छोटी-छोटी सावधानियां भी बहुत काम आती हैं। अपना क्रेडिट कार्ड सुरक्षित रखें और पिन को कार्ड के साथ न लिखें और न ही रखें। इससे कार्ड के गलत इस्तेमाल का खतरा काफी कम हो जाता है। अगर कार्ड खो जाए या कोई संदिग्ध लेनदेन दिखाई दे, तो तुरंत बैंक को इसकी जानकारी दें। इससे संभावित आर्थिक नुकसान को कम किया जा सकता है।

धोखाधड़ी रोकने में बैंकिंग सुविधाओं की मदद लें

आज के क्रेडिट कार्ड में ग्राहकों को कार्ड की सुरक्षा के लिए कई तरह के नियंत्रण खुद इस्तेमाल करने की सुविधा मिलती है। ग्राहक ऑनलाइन खरीदारी, अंतरराष्ट्रीय लेनदेन, कॉन्टैक्टलेस भुगतान और एटीएम से नकद निकासी जैसी सुविधाओं को जरूरत के अनुसार तुरंत चालू या बंद कर सकते हैं। कई बैंक लेनदेन की सीमा तय करने की सुविधा भी देते हैं। इसके जरिए ग्राहक यह तय कर सकते हैं कि कार्ड से अधिकतम कितनी राशि खर्च की जा सकती है। कार्ड को कुछ समय के लिए ब्लॉक करने की सुविधा भी सुरक्षा का एक उपयोगी उपाय है।

सरल सावधानियां बड़ा फर्क डालती हैं। तकनीक कितनी भी आगे बढ़ जाए, धोखाधड़ी करने वाले अक्सर इंसान की कमजोरियों का फायदा उठाते हैं—जैसे जल्दबाजी, जरूरत से ज्यादा भरोसा और जानकारी की कमी। इसलिए जरूरी है कि ग्राहक खुद को लगातार जागरूक रखें और बैंक की उपलब्ध सुरक्षा सुविधाओं का इस्तेमाल करें। इससे कार्डधारक सुरक्षित रहते हुए डिजिटल लेनदेन की सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। डिजिटल लेनदेन आने वाले समय में और बढ़ने वाले हैं। ऐसे में सुरक्षित बैंकिंग का सबसे सरल तरीका है—सतर्क रहें, जानकारी से अपडेट रहें और अपने लेनदेन पर हमेशा नियंत्रण रखें।

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