मुंबई : अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। बैंक ने 500 मिलियन अमेरिकी डॉलर (ग्रीनशू विकल्प के साथ) की एक सिंडिकेटेड सोशल टर्म लोन सुविधा शुरू की है। यह अभूतपूर्व सौदा न केवल भारत, बल्कि वैश्विक ईएसजी (ESG) वित्तपोषण परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होने वाला है, क्योंकि इसके दुनिया का सबसे बड़ा ‘जेंडर-थीम्ड लोन’ बनने की संभावना है।
यह विशेष वित्तपोषण सीधे तौर पर संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य (SDG)-5, यानी ‘लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण’ को समर्पित है। इस लोन के माध्यम से प्राप्त राशि का उपयोग देश भर में महिलाओं के लिए अवसर सृजित करने और जेंडर गैप को कम करने वाली पहलों में किया जाएगा। इस सौदे में MUFG (मित्सुबिशी यूएफजे फाइनेंशियल ग्रुप) मुख्य अरेंजर, अंडरराइटर और एकमात्र ‘सोशल लोन कोऑर्डिनेटर’ की भूमिका निभा रहा है।
एसबीआई के चेयरमैन श्री सी. एस. सेटी ने इस पहल पर खुशी जताते हुए कहा, “हम सतत विकास के आधारस्तंभ के रूप में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए गहराई से प्रतिबद्ध हैं। यह ऐतिहासिक सोशल लोन पर्यावरण, सामाजिक और शासन (ESG) सिद्धांतों के प्रति हमारी जिम्मेदारी को दर्शाता है। हमारा मानना है कि वास्तविक प्रगति केवल आर्थिक आंकड़ों से नहीं, बल्कि एक समावेशी समाज के निर्माण से संभव है, जहाँ महिलाओं के पास समान अवसर हों।”
यह पहल किसी भी भारतीय वित्तीय संस्थान द्वारा सतत वित्त (Sustainable Finance) के क्षेत्र में की गई सबसे बड़ी और अपनी तरह की पहली कोशिश है। यह न केवल समावेशी आर्थिक विकास को गति देगी, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारतीय बैंकिंग क्षेत्र की सामाजिक प्रतिबद्धता को भी मजबूती से स्थापित करेगी।
