नई दिल्ली : नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) द्वारा 13 अप्रैल, 2026 को सोलर पीवी सेल्स के लिए ALMM सूची-II का छठा संशोधन जारी किए जाने के बाद, सात्विक ग्रीन एनर्जी लिमिटेड के सीईओ श्री प्रशांत माथुर ने इस महत्वपूर्ण विकास पर अपने विचार साझा किए।
यह नवीनतम अपडेट घरेलू विनिर्माण को मजबूत करने के साथ-साथ उच्च गुणवत्ता वाले सौर घटकों के उपयोग को सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
सात्विक ग्रीन एनर्जी लिमिटेड के सीईओ श्री प्रशांत माथुर ने कहा:
“ALMM सूची-II का नवीनतम संशोधन भारत के सौर विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र (ecosystem) के लिए एक निर्णायक क्षण है। हम जो देख रहे हैं वह केवल एक नीतिगत मील का पत्थर नहीं है, बल्कि घरेलू सेल विनिर्माण में बाजार के भरोसे का एक स्पष्ट संकेत है। बड़े औद्योगिक दिग्गजों के प्रवेश के साथ-साथ ‘हेटरो जंक्शन’ (Heterojunction) जैसी उन्नत तकनीकों को अपनाना, उच्च दक्षता और दीर्घकालिक प्रतिस्पर्धा की ओर एक निर्णायक बदलाव को दर्शाता है।
यह क्षमता निर्माण (capacity creation) से सक्षमता निर्माण (capability building) की ओर एक सार्थक विकास है। पिछले कई महीनों में संशोधनों की गति इस क्षेत्र द्वारा पकड़ी गई रफ़्तार को भी रेखांकित करती है। निवेश अब दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ किए जा रहे हैं, जो भारत की सौर विनिर्माण महत्वाकांक्षाओं की विश्वसनीयता और मजबूती को और पुख्ता करते हैं।
ALMM ढांचा अब अपने लक्षित उद्देश्यों को पूरा करने लगा है, जिससे सही प्रकार का निवेश आकर्षित हो रहा है जो पारिस्थितिकी तंत्र को संरचनात्मक रूप से मजबूत बनाता है। यह सात्विक जैसी कंपनियों के लिए विशेष रूप से उत्साहजनक है, जिन्होंने हमेशा ‘बैकवर्ड इंटीग्रेशन’ को एक रणनीतिक आवश्यकता के रूप में माना है। भारत अब केवल आपूर्ति की कमी को पूरा करने से आगे बढ़कर सौर प्रौद्योगिकियों के लिए एक विश्वसनीय और भविष्य के लिए तैयार विनिर्माण केंद्र के रूप में खुद को स्थापित कर रहा है।”
