- वास्तविक जीवन की कहानियों पर आधारित नई रिपोर्ट न्यूरो-डाइवर्जेंट व्यक्तियों को उनके करियर को आगे बढ़ाने और कार्यस्थल पर फलने-फूलने की रणनीतियों पर केंद्रित है।
- एसीसीए का कहना है कि अब कार्यस्थल को व्यक्ति के बजाय खुद को बदलने की आवश्यकता है, जिससे सभी को लाभ होता है।
एसीसीए की नवीनतम रिपोर्ट ‘न्यूरोडाइवर्सिटी इन अकाउंटेंसी: नेविगेटिंग योर करियर’ के अनुसार, न्यूरोडाइवर्सिटी (तंत्रिका-विविधता) के प्रति नज़रिया बदल रहा है। संगठन अब न्यूरो-डाइवर्जेंट व्यक्तियों की महत्वपूर्ण क्षमताओं और कार्यस्थल पर उनके योगदान को पहचानने लगे हैं।
इस ‘न्यूरोडाइवर्सिटी सेलिब्रेशन वीक’ के अवसर पर, रिपोर्ट उन स्थितियों का पता लगाती है जो सफलता को सक्षम बनाती हैं। रिपोर्ट में उन व्यावहारिक रणनीतियों को साझा किया गया है जिन्हें संगठन अपना सकते हैं, साथ ही व्यक्तियों के लिए भी सलाह दी गई है।
रिपोर्ट सफलता के लिए पांच प्रमुख क्षेत्रों की पहचान करती है:
- अपनी संज्ञानात्मक प्रोफ़ाइल (Cognitive Profile) को समझना: कई पेशेवरों के लिए, औपचारिक निदान (diagnosis) उनकी कार्यक्षमता को नए तरीके से समझने में मदद करता है।
- खुलासे (Disclosure) का रणनीतिक निर्णय: अपनी स्थिति का खुलासा करना कोई दायित्व नहीं बल्कि एक विकल्प है।
- तकनीक का लाभ उठाना: सही तकनीक क्षमताओं को बढ़ा सकती है और आपको रणनीतिक रूप से संसाधन संपन्न बना सकती है।
- व्यक्तिगत सहायता की वकालत: कार्यस्थल पर सबसे प्रभावी सहायता वह है जो थोपी न जाए, बल्कि मिलकर बनाई जाए।
- अपना व्यक्तिगत सहायता तंत्र बनाना: आप संगठनात्मक संस्कृति को नियंत्रित नहीं कर सकते, लेकिन आप एक ऐसा व्यक्तिगत सिस्टम बना सकते हैं जो आपको आगे बढ़ने में मदद करे।
एसीसीए के स्किल, सेक्टर और टेक्नोलॉजी के ग्लोबल हेड, जेमी लियोन ने कहा: “विमर्श अब इस बात से बदल रहा है कि ‘न्यूरो-डाइवर्जेंट लोग संगठनों के लिए क्या कर सकते हैं’ और अब इस ओर बढ़ रहा है कि ‘हर किसी को प्रभावी ढंग से काम करने में सक्षम बनाने के लिए किन प्रणालियों को बदलने की आवश्यकता है?’ व्यक्तियों को कार्यस्थल के अनुसार ढलने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए – बल्कि कार्यस्थल को बेहतर ढंग से डिजाइन करने की आवश्यकता है।”
पेगस्क्वेर्ड (PegSquared) में न्यूरो-इंक्लूजन कंसल्टेंट, तानिया मार्टिन ने कहा, “ADHD के साथ अपने करियर को आगे बढ़ाने के अनुभव से मैं जानती हूँ कि वातावरण या दृष्टिकोण में एक छोटा सा बदलाव भी किसी के कार्यदिवस को पूरी तरह बदल सकता है। यह शोध याद दिलाता है कि न्यूरो-इंक्लूजन केवल बड़े वादों के बारे में नहीं है, बल्कि उन व्यावहारिक कदमों के बारे में है जो वास्तविक लोगों के लिए वास्तविक बदलाव लाते हैं।”
यह रिपोर्ट स्पष्ट करती है कि न्यूरो-डाइवर्जेंट पेशेवर अकाउंटेंसी के क्षेत्र में अत्यधिक मूल्य जोड़ते हैं, लेकिन उनकी सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि हम समावेशन (inclusion) के प्रति अपने दृष्टिकोण को कितनी मौलिकता से बदलते हैं।
