उमरिया जिले के करकेली विकासखंड अंतर्गत ग्राम बरही स्थित पीएम जनमन मल्टीपरपज भवन में 7 अगस्त से प्रारंभ हुए मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत एक जनसमस्या निवारण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले के कलेक्टर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, क्षेत्रीय विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। शासन की मंशा के अनुरूप लोगों की समस्याएं सुनने और उनका समाधान करने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में एक अप्रिय घटना सामने आई।
जानकारी के अनुसार, संदीपनी स्कूल के कुछ छात्र-छात्राएं अपने गांव की सड़क की खराब स्थिति तथा यात्री प्रतीक्षालय की समस्या को लेकर अधिकारियों के समक्ष शिकायत करने पहुंचे थे। छात्रों का उद्देश्य था कि उनकी समस्याओं से प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया जाए, ताकि आवश्यक कार्रवाई हो सके।
आरोप है कि कार्यक्रम स्थल पर मौजूद बरही ग्राम पंचायत की सचिव ने छात्रों को शिकायत रखने से पहले ही रोक दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सचिव ने छात्रों को यह कहते हुए वहां से भगा दिया कि, “यहां सब कुछ ठीक है, चलो भागो।” इतना ही नहीं, छात्रों को कथित रूप से धमकाते हुए कार्यक्रम स्थल से बाहर कर दिया गया।
इस घटना के बाद ग्रामीणों में नाराजगी देखी गई। लोगों का कहना है कि जब शासन स्वयं जनता की समस्याएं सुनने के लिए जन विश्वास अभियान चला रहा है, तब शिकायत लेकर पहुंचे छात्रों को इस तरह रोकना और उन्हें अपमानित करना अभियान की भावना के विपरीत है। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी के विरुद्ध उचित कार्रवाई की मांग की है।
हालांकि, इस संबंध में बरही ग्राम पंचायत की सचिव अथवा जिला प्रशासन की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि छात्रों द्वारा लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह जनसुनवाई व्यवस्था और शासन के जन विश्वास अभियान की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
