जिस नगर निगम अध्यक्ष ने कभी भोपाल के आख़िरी नवाब साहब को “गद्दार” कहकर संबोधित किया था, क्या आज जनता उनसे यह सवाल नहीं पूछ सकती कि टैक्स वसूलने के बावजूद शहर की बुनियादी सुविधाएँ इतनी बदहाल क्यों हैं?
नवाब हमीदुल्लाह ख़ान के दौर में भोपाल को उसकी खूबसूरती, साफ-सफाई और व्यवस्थित व्यवस्थाओं के लिए जाना जाता था। आज बारिश होते ही जगह-जगह पानी भर जाता है और जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
इतिहास पर उंगली उठाना आसान है, लेकिन वर्तमान की जिम्मेदारी निभाना उससे कहीं अधिक जरूरी है। जिस जनता से टैक्स लिया जाता है, उसे बेहतर सड़कें, साफ नालियाँ, सुचारु जल निकासी और एक व्यवस्थित शहर उपलब्ध कराना नगर निगम की जिम्मेदारी है।
इसलिए सवाल सिर्फ यह नहीं कि किसे गद्दार कहा गया था, सवाल यह भी है कि आज जनता के साथ अपनी जिम्मेदारी कौन निभा रहा है?
