वीआईटी भोपाल का ‘तीसरा इंटरनेशनल हायर एजुकेशन फेयर 2026’: 70 से अधिक वैश्विक विश्वविद्यालयों के साथ शैक्षणिक संबंधों को मिली नई ऊंचाई

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सीहोर : अंतरराष्ट्रीय शिक्षा के क्षेत्र में मध्य प्रदेश को एक वैश्विक पहचान दिलाते हुए, वीआईटी (VIT) भोपाल विश्वविद्यालय ने अपने ‘तीसरे इंटरनेशनल हायर एजुकेशन फेयर 2026’ का सफल आयोजन किया। इस मेगा इवेंट में अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और सिंगापुर सहित दुनिया भर के 70 से अधिक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों और संगठनों ने शिरकत की।

यह फेयर छात्रों और अभिभावकों के लिए दुनिया के शीर्ष संस्थानों से सीधे संवाद करने और वैश्विक करियर की संभावनाओं को तलाशने का एक अनूठा मंच साबित हुआ।


प्रमुख उपस्थिति और वैश्विक भागीदारी

समारोह का औपचारिक उद्घाटन वीआईटी भोपाल की माननीय ट्रस्टी श्रीमती रमणी बालासुंदरम द्वारा किया गया।

  • मुख्य अतिथि: रूस के डेप्युटी टू द रशियन बिज़नेस एम्बेसडर टू इंडिया, श्रीमती अन्ना रोगोव्स्काया ने उद्घाटन सत्र की शोभा बढ़ाई।
  • अतिथि गण: इस अवसर पर कादम्बरी एस विश्वनाथन (असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट), डॉ. शंकर विश्वनाथन (वाइस प्रेसिडेंट), वाइस चांसलर डॉ. सतीश मोढ़ और प्रो वाइस चांसलर डॉ. टी. बी. श्रीधरन उपस्थित रहे।

दुनिया के दिग्गज संस्थान एक ही छत के नीचे

फेयर में छात्रों को निम्नलिखित विश्व-प्रसिद्ध विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों से बातचीत करने का मौका मिला:

  • एशिया: नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर (सिंगापुर), यूनिवर्सिटी ऑफ टोक्यो (जापान)।
  • ऑस्ट्रेलिया: यूनिवर्सिटी ऑफ सिडनी, मोनाश यूनिवर्सिटी।
  • यूरोप व यूके: यूनिवर्सिटी ऑफ एडिनबर्ग (स्कॉटलैंड), क्रैनफील्ड यूनिवर्सिटी (यूके)।
  • अमेरिका: एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी।

छात्रों के लिए क्या रहा खास?

प्रतिभागियों ने केवल प्रवेश प्रक्रिया ही नहीं, बल्कि भविष्य के लिए महत्वपूर्ण कई अन्य पहलुओं पर विस्तृत जानकारी प्राप्त की:

  1. छात्रवृत्तियां: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध विभिन्न स्कॉलरशिप प्रोग्राम।
  2. एक्सचेंज प्रोग्राम: छात्र विनिमय कार्यक्रमों के जरिए विदेश में पढ़ाई के अवसर।
  3. शोध सहयोग: संयुक्त शोध (Joint Research) और अंतरराष्ट्रीय करियर के नए रास्ते।
  4. करियर गाइडेंस: वैश्विक स्तर पर कौशल विकास और रोजगार की मांग।

नेतृत्व का विजन: “अंतरराष्ट्रीयकरण अब आवश्यकता है”

मुख्य अतिथि श्रीमती अन्ना रोगोव्स्काया ने अपने संबोधन में कहा:

“आज के आपस में जुड़े हुए विश्व में अंतरराष्ट्रीयकरण अब विकल्प नहीं, बल्कि एक आवश्यकता बन चुका है। वीआईटी भोपाल का यह प्रयास भविष्य के लिए तैयार वैश्विक स्नातकों को विकसित करने की दूरदर्शी सोच का प्रमाण है।”

प्रो. टी. बी. श्रीधरन ने भी इस बात पर जोर दिया कि ऐसे आयोजनों से न केवल छात्रों बल्कि शिक्षकों को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव मिलता है।


निष्कर्ष: वैश्विक शिक्षा केंद्र के रूप में उभरता वीआईटी भोपाल

यह आयोजन वीआईटी के चांसलर डॉ. जी. विश्वनाथन के उस विजन को मजबूती प्रदान करता है, जिसके तहत संस्थान को अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक उत्कृष्टता के केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। 70 से अधिक विश्वविद्यालयों की सक्रिय भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मध्य प्रदेश का यह कैंपस अब वैश्विक शिक्षा के मानचित्र पर अपनी मजबूत पैठ बना चुका है।

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