मुंबई: टाटा संस के निदेशक मंडल (बोर्ड) ने एक महत्वपूर्ण बैठक में एन. चंद्रशेखरन को अगले पांच वर्षों की अवधि के लिए पुन: कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त करने का प्रस्ताव बहुमत से पारित कर दिया है। इस फैसले के साथ ही टाटा समूह के नेतृत्व को लेकर पिछले कुछ महीनों से बनी अनिर्णय की स्थिति समाप्त हो गई है। बोर्ड ने इस पुनर्नियुक्ति के संदर्भ में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के दिशानिर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय बैंक, टाटा ट्रस्ट्स और अन्य संबंधित हितधारकों के साथ औपचारिक परामर्श प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय भी लिया है।
पुनर्नियुक्ति का घटनाक्रम (टाइमलाइन)
चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति की प्रक्रिया जुलाई 2025 से शुरू होकर कई दौर के विचार-विमर्श और उतार-चढ़ाव से होकर गुजरी है:
- जुलाई 2025: टाटा ट्रस्ट्स ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर 2017 से चंद्रशेखरन के नेतृत्व की सराहना की और उन्हें अगले कार्यकाल के लिए पुनर्नियुक्त करने का संकल्प लिया।
- सितंबर 2025: टाटा संस बोर्ड ने इस प्रस्ताव पर सैद्धांतिक सहमति जताई।
- फरवरी – जून 2026: फरवरी 2026 में सर्वसम्मति न बन पाने के कारण फैसला टल गया, जो मई और जून 2026 की बैठकों में भी अनिर्णीत रहा।
- 12 अगस्त 2026: अनिर्णय के चलते एन. चंद्रशेखरन ने स्वयं इस पद की दौड़ से हटने और अपनी उम्मीदवारी आगे न बढ़ाने का फैसला लिया।
- 3 सितंबर 2026: बोर्ड की नामांकन और पारिश्रमिक समिति (NRC) ने समूह के व्यापक हितों का हवाला देते हुए उनसे अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का विशेष अनुरोध किया।
- 17 सितंबर 2026: बोर्ड की आधिकारिक बैठक में बहुमत के साथ चंद्रशेखरन को अगले 5 वर्षों के लिए फिर से कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त करने का प्रस्ताव पारित हुआ।
प्रस्ताव और प्रक्रिया का मुख्य सारांश
| विवरण | जानकारी / मुख्य बिंदु |
| अधिकारी / पद | एन. चंद्रशेखरन (कार्यकारी अध्यक्ष, टाटा संस) |
| नया कार्यकाल | 5 वर्ष |
| प्रस्ताव पारित तिथि | 17 सितंबर 2026 |
| नियामक अनुपालन | RBI दिशानिर्देशों के तहत टाटा ट्रस्ट्स और केंद्रीय बैंक से परामर्श प्रक्रिया जारी |
