बाजार की अस्थिरता और आईपीओ (IPO) की कतार के बीच म्यूचुअल फंड्स (MFs) चुनिंदा शेयरों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। अगस्त 2026 में 54 म्यूचुअल फंड्स ने वेदांता एल्युमीनियम मेटल लिमिटेड (VAML) में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई या नई खरीदारी की, जिसके तहत कुल 17.51 मिलियन अतिरिक्त शेयर खरीदे गए।
प्रमुख म्यूचुअल फंड्स की खरीदारी
- SBI Flexicap Fund: सबसे ज्यादा 4.27 मिलियन शेयर खरीदे।
- Aditya Birla Sun Life Large Cap Fund: 4.00 मिलियन शेयर जोड़े।
- SBI Multi Asset Allocation Fund: 2.00 मिलियन शेयरों के साथ नया निवेश शुरू किया।
- Bandhan Large & Mid Cap Fund: 1.77 मिलियन शेयर खरीदे।
- UTI Large Cap Fund: 1.17 मिलियन अतिरिक्त शेयर खरीदे।
- Nippon India Multi Cap Fund: 1.00 मिलियन शेयर शामिल किए।
शानदार वित्तीय एवं परिचालन प्रदर्शन (Q1 FY27)
संस्थागत निवेशकों का यह आकर्षण कंपनी के मजबूत परिचालन प्रदर्शन के कारण है:
| पैमाना (Metric) | आंकड़ा (Q1 FY27) |
| तिमाही रेवेन्यू (Revenue) | ₹21,105 करोड़ |
| EBITDA | ₹10,499 करोड़ |
| शुद्ध लाभ (Net Profit) | ₹6,597 करोड़ |
| कुल एल्युमीनियम उत्पादन | 632 किलोटन (रिकॉर्ड) |
| वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स (VAP) | 389 किलोटन |
| एल्युमिना उत्पादन | 826 किलोटन (41% YoY वृद्धि) |
लॉन्ग-टर्म ग्रोथ ड्राइवर्स
- पावर-ट्रांसमिशन और इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार: नेशनल इलेक्ट्रिसिटी प्लान के तहत 2032 तक ट्रांसमिशन सेक्टर में ₹9.15 लाख करोड़ से अधिक का निवेश अनुमानित है।
- एल्युमीनियम की बढ़ती मांग: वित्तीय वर्ष 2024 में इलेक्ट्रिकल क्षेत्र में एल्युमीनियम की खपत 2.4 मिलियन टन थी, जो FY30 तक बढ़कर 4 मिलियन टन होने का अनुमान है।
- ब्रोकरेज हाउस का भरोसा: नुवामा, एमके ग्लोबल, मोतीलाल ओसवाल, सिटी (Citi) और इन्वेस्टेक जैसी प्रमुख ब्रोकरेज फर्मों ने शेयर पर ‘Buy’ रेटिंग दी है।
