एम्स भोपाल में मंगलवार को चिकित्सा अनुप्रयोगों के लिए आभासी वास्तविकता (वर्चुअल रियलिटी-VR) और एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-AI)-आधारित समाधान विषय पर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में 220 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें फैकल्टी सदस्य, डॉक्टर, शोधकर्ता, शोध स्टाफ, सीनियर रेजिडेंट (SR), जूनियर रेजिडेंट (JR) और छात्र शामिल रहे। कार्यशाला का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवा, चिकित्सा तकनीक और विशेष रूप से सहायक स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी (असिस्टिव हेल्थ टेक्नोलॉजी-AHT) के क्षेत्र में VR और AI की बढ़ती भूमिका को समझना था।
यह आयोजन इंटर-एम्स सहयोग के तहत सहायक स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी सहयोग केंद्र (कोलैबोरेटिंग सेंटर फॉर असिस्टिव हेल्थ टेक्नोलॉजी-CCAHT) और अनुसंधान कक्ष, एम्स भोपाल द्वारा आयोजित किया गया। औपचारिक उद्घाटन के बाद विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए। श्री अरबिंदो इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, इंदौर के क्रिएटिव कंटेंट हेड रोहित सिंह सेंगर ने वर्चुअल रियलिटी और चिकित्सा तकनीक में इसके उपयोग पर व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार गहन अनुभव देने वाले वर्चुअल रियलिटी वातावरण, स्वास्थ्य सेवा, पुनर्वास, नैदानिक प्रशिक्षण, कौशल विकास और सहायक तकनीकों के क्षेत्र में उपयोगी सिद्ध हो सकते हैं।
दूसरे विशेषज्ञ मुख्य कार्यकारी अधिकारी, कॉर्नरस्टोन सॉल्यूशंस, मैसाचुसेट्स, अमेरिका के विपिन गुप्ता, ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और चिकित्सा तकनीक में इसके उपयोग पर अपनी बात रखी। उन्होंने आंकड़ा-आधारित (डेटा-ड्रिवन) स्वास्थ्य सेवा, व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुरूप समाधान, बुद्धिमान प्रणालियों और तकनीक-सहायित हस्तक्षेपों में AI की संभावनाओं पर चर्चा की।
कार्यशाला में सहायक स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी के महत्व पर प्रकाश डाला गया, यह प्रौद्योगिकी जो दिव्यांगजनों, वरिष्ठ नागरिकों और कार्यात्मक सीमाओं वाले व्यक्तियों की स्वतंत्रता, सहभागिता और जीवन की गुणवत्ता बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाती है। कार्यशाला में यह भी रेखांकित किया गया कि भारतीय स्वास्थ्य सेवा परिस्थितियों के अनुरूप किफायती, सुलभ और उपयोगकर्ता-केंद्रित तकनीकों की आवश्यकता है। इसी संदर्भ में, राष्ट्रीय सहायक स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी केंद्र (NCAHT), एम्स नई दिल्ली और भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के सहयोग से स्थापित इंटर-एम्स सहयोग: CCAHT, एम्स भोपाल, AHT के क्षेत्र में शोध, नवाचार और विकास को बढ़ावा दे रहा है।
कार्यशाला में वर्चुअल रियलिटी और एआई को स्वास्थ्य सेवा में प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए उपयुक्त डिजाइन, सत्यापन (वैलिडेशन), उपयोगिता और नैदानिक प्रासंगिकता के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया।
