भोपाल। कोलकाता के नेशनल लाइब्रेरी स्थित भाषा भवन में आयोजित ‘ईन्यूज़रूम कॉन्क्लेव 2026’ में देश के प्रमुख पत्रकारों और विचारकों ने एआई, डीपफेक, एल्गोरिदम और राजनीतिक ध्रुवीकरण के दौर में महात्मा गांधी की पत्रकारिता के मूल्यों को प्रासंगिक बताया। ईन्यूज़रूम इंडिया द्वारा “गांधी द जर्नलिस्ट: व्हाई इंडिया नीड्स हिज मीडिया विजन टुडे” विषय पर आयोजित इस संगोष्ठी में पूर्व प्रसार भारती सीईओ जवाहर सरकार, राशिद किदवई, प्रतीक सिन्हा और अरफा खानम शेरवानी ने विचार साझा किए।
समारोह के दौरान वरिष्ठ पत्रकार कमल नयन छपरिया और अब्दुल अजीज को दिवंगत पत्रकार एन.डी. शर्मा की स्मृति में ‘लाइफटाइम अचीवमेंट सम्मान’ प्रदान किया गया। वहीं, पूर्वोत्तर व बंगाल में जन-केंद्रित रिपोर्टिंग के लिए रोकीबुज जमान को पहले ‘बिस्वजीत रॉय मेमोरियल इमर्जिंग जर्नलिस्ट अवॉर्ड’ (₹25,000 नकद) से सम्मानित किया गया।
वक्ताओं ने कहा कि खबरों की तेज रफ्तार के बीच केवल वायरल होने के बजाय खबर का सत्य, सटीक और जनहितैषी होना जरूरी है। जवाहर सरकार ने कहा कि गांधी के अखबार केवल राजनीति नहीं, बल्कि समाज सुधार और जनसेवा का माध्यम थे। कार्यक्रम में दिवंगत पत्रकार बिस्वजीत रॉय की पुस्तक का विमोचन भी किया गया।
