राष्ट्रीय राजमार्ग NH-752D देवास–उज्जैन–बदनावर कॉरिडोर का हिस्सा है, जो देवास एवं बदनावर के बीच उज्जैन होकर सुगम आवागमन उपलब्ध कराता है। तपोभूमि जंक्शन वह स्थान है, जहाँ यह राजमार्ग इंदौर–उज्जैन मार्ग (SH-27) को पार करता है। इस जंक्शन का डिजाइन भारतीय सड़क कांग्रेस (IRC) के मानकों तथा जंक्शन पर अनुमानित यातायात दबाव के आधार पर तैयार एवं स्वीकृत किया गया है।
तपोभूमि चौराहे पर NHAI द्वारा फ्लाईओवर का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है। इस फ्लाईओवर से देवास और बदनावर के बीच का सीधा यातायात इंदौर–उज्जैन मार्ग के ऊपर से गुजरता है। जंक्शन पर स्लिप रोड भी बनाए गए हैं, जिनके माध्यम से NH-752D से इंदौर–उज्जैन मार्ग होते हुए उज्जैन शहर की कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई गई है।
देवास की ओर से आने वाले जिन वाहनों को उज्जैन शहर में प्रवेश करना है, उनके लिए तपोभूमि चौराहे से पहले ही चंदेसरी की ओर से उज्जैन शहर पहुँचने की कनेक्टिविटी उपलब्ध है। इस प्रकार, उज्जैन शहर जाने वाले वाहनों के लिए तपोभूमि चौराहे तक आना अनिवार्य नहीं है। तपोभूमि जंक्शन एवं चंदेसरी की ओर से उज्जैन शहर की कनेक्टिविटी उपलब्ध है।
मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) द्वारा इंदौर–उज्जैन सिक्सलेन मार्ग का निर्माण किया जा रहा है। इसी परियोजना के अंतर्गत तपोभूमि चौराहे से कुछ ही दूरी पर व्हीकल अंडरपास (VUP) का निर्माण किया जा रहा है। यह अंडरपास देवास से उज्जैन की ओर जाने वाले वाहनों को सड़क के नीचे से यू-टर्न की सुविधा प्रदान करेगा।
सिंहस्थ के दौरान यातायात में संभावित वृद्धि को ध्यान में रखते हुए NHAI द्वारा तपोभूमि चौराहे पर ट्रम्पेट इंटरचेंज के निर्माण की योजना भी प्रस्तावित है। इस योजना के लिए आवश्यक स्वीकृति की प्रक्रिया उन्नत चरण में है तथा भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी प्रारंभ हो चुकी है। जंक्शन के विकास की यह चरणबद्ध योजना भविष्य की यातायात आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर बनाई गई है।
उपरोक्त तथ्यों से स्पष्ट है कि तपोभूमि जंक्शन एवं चंदेसरी की ओर से उज्जैन शहर की कनेक्टिविटी वर्तमान में उपलब्ध है।
MPRDC का व्हीकल अंडरपास एवं NHAI का प्रस्तावित ट्रम्पेट इंटरचेंज इस कनेक्टिविटी को और अधिक सुदृढ़ बनाने में सहायता करेंगे। सिंहस्थ-2028 के लिए ये व्यवस्थाएं योजनाबद्ध तरीके से की जा रही हैं। परियोजना से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए NHAI, PIU-उज्जैन से संपर्क किया जा सकता है।
