वीआईपी रोड पर पलटी आरजीपीवी की बस, 11 छात्र हुए घायल, एक की हालत बेहद गंभीर

Spread the love

टक्कर से बिजली का पोल टूटा, तीन घंटे बाद हुई छात्र की पहचान

वीआईपी रोड पर रेत घाट के पास मंगलवार को राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) की बस अनियंत्रित होकर बिजली के पोल से टकराने के बाद पलट गई। टक्कर में पोल भी टूट गया। हादसे के समय बस में विद्यार्थियों और कर्मचारियों सहित 40 से अधिक लोग सवार थे, जिनमें 11 लोग घायल हुए। घायलों में एक छात्र की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है, जिसे वेंटिलेटर पर रखा गया है। उधर, घटना के बाद पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन को जब्त कर चालक को गिरफ्तार कर लिया है।

जानकारी के मुताबिक हादसे में गंभीर घायल यूआईटी के इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन (ईसी) प्रथम वर्ष का छात्र अजय परमार है। उसे हमीदिया अस्पताल में वेंटिलेटर पर रखा गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अनियंत्रित बस के नीचे दब गया था। उसे राहगीरों ने बाहर निकाला। हादसे के करीब तीन घंटे बाद उसकी पहचान की जा सकी। घायल अजय के बाद की हालत ही मौत की घड़ी है। घायलों में शामिल बसंत कुमार का पैर टूट गया है, जबकि एक छात्रा को उसके अभिभावक साथ ले गए। अन्य घायलों में अधिकांश को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।

विश्वविद्यालय से मिली जानकारी के अनुसार घायल विद्यार्थियों में यूआईटी ईसी प्रथम वर्ष के अजय परमार, मैकेनिकल इंजीनियरिंग की हर्षिता, एसओआईटी एआईएमएल की अनुष्का, एसओआईटी डेटा साइंस के बसंत कुमार, पीसीटी प्रथम वर्ष की खुशी, एसओआईटी सीएससीएस के शिवम, एसओआईटी प्रथम वर्ष के सुमित परमार और यूआईटी प्रथम वर्ष की खुशी सिंह शामिल हैं। इनके अलावा पॉलिटेक्निक के कर्मचारी अशोक गीते, यूआईटी के देवदत्त सोलंकी और कॉन्ट्रैक्ट मशीन से जुड़े संजय जैन भी घायल हुए।

हादसे के समय बस में मौजूद विश्वविद्यालय के कर्मचारी देवेंद्र सोलंकी ने आरोप लगाया कि मोड़ पर बस की रफ्तार काफी ज्यादा थी, जिससे वह अनियंत्रित होकर बिजली के पोल से टकराई और पलट गई। उनके अनुसार चालक अक्सर तेज रफ्तार से बस चलाता था। उसे पहले भी कई बार टोका गया, लेकिन उसने ध्यान नहीं दिया। दुर्घटना के वास्तविक कारणों की पुलिस जांच कर रही है।

अस्पताल में डटे रहे विश्वविद्यालय के अधिकारी

हादसे की सूचना मिलते ही यूआईटी के निदेशक ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। भोपाल, आरजीपीवी के कुलपति प्रो. अतुल शर्मा भी करीब तीन घंटे अस्पताल में रहे और विद्यार्थियों की जानकारी ली। इस दौरान मीडिया से उन्होंने घायलों की देखरेख, बेहतर इलाज और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बयान दिया।

कई सालों से स्पीड ट्रैवल्स के पास है ठेका

जानकारी के अनुसार बीते चार से पांच वर्षों से स्पीड ट्रैवल्स एजेंसी के बसों का आरजीपीवी में अनुबंध पर संचालन हो रहा है। करीब 18 से 20 बसें चलाई जा रही हैं, जिन पर प्रतिमाह करीब 11 से 12 लाख रुपये खर्च होते हैं। एजेंसी की बसें शहर के सुमित्रा में भी संचालित होती हैं। इसी कारण एक बार पहले विश्वविद्यालय ने बस संचालन के लिए नया टेंडर निकाला था, लेकिन निर्धारित शर्तों के अनुसार केवल एक आवेदन आने से प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी और स्पीड ट्रैवल्स का अनुबंध ही जारी रहा। एजेंसी के संचालक एसएम अली हैं। बस सुपरवाइजर राजू के अनुसार बसों के फिटनेस और प्रदूषण प्रमाणपत्र तथा अन्य दस्तावेज उपलब्ध हैं। उन्होंने बसों की गति 40 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे की गति सीमा वाले स्पीड गवर्नर लगे होने का दावा किया।

इनका कहना

हादसे में घायल विद्यार्थियों को बेहतर से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना हमारी पहली प्राथमिकता है। विश्वविद्यालय की ओर से उनके उपचार की लगातार निगरानी की जा रही है। मामले में एफआईआर दर्ज हो चुकी है और पुलिस अपना काम कर रही है।

प्रो. अतुल शर्मा, कुलगुरु, आरजीपीवी

हमारी एजेंसी की बसें आरजीपीवी सहित शहर के अन्य शिक्षण संस्थानों में संचालित होती हैं। बसों के फिटनेस, प्रदूषण प्रमाणपत्र और चालकों के लाइसेंस संबंधी सभी दस्तावेज सही और उपलब्ध हैं। गति नियंत्रित रखने के लिए स्पीड गवर्नर भी लगे हैं।

admin1

admin1

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *