भोपाल के निशातपुरा थाना क्षेत्र में एसीपी शशांक जैन के नेतृत्व में हरि बाजार स्थित ईरानी डेरै में एक बार फिर सर्चिंग ऑपरेशन चलाया गया पुलिस ने अपराधियों की तलाश के साथ क्षेत्र में अवैध गतिविधियों की रोकथाम के लिए निगरानी की कार्रवाई के दौरान किसी संदिग्ध बदमाश या बाहरी व्यक्ति की मौजूदगी सामने नहीं आई इस दौरान एसीपी शशांक जैन ने डेरै में रहने वाले लोगों को समझाइश देते हुए कहा कि यदि कोई आपराधिक व्यक्ति यहां प्रवेश करता है या शरण लेने का प्रयास करता है तो तत्काल क्षेत्रीय थाने को सूचना दें पुलिस ने क्षेत्र में शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने की अपील की
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भारत के डॉ. बिमल एन. पटेल ने जर्मनी के हैम्बर्ग में स्थित ट्रिब्यूनल के मुख्यालय में ‘इंटरनेशनल ट्रिब्यूनल फॉर द लॉ ऑफ़ द सी’ (ITLOS) के जज के तौर पर शपथ ली।
Spread the loveहैम्बर्ग / गांधीनगर, अंतरराष्ट्रीय कानून और समुद्र के कानून के प्रख्यात विधिवेत्ता, विद्वान, व्यवसायी और वैश्विक स्तर के संस्थान-निर्माता प्रो. डॉ. बिमल एन. पटेल ने आज हैम्बर्ग, जर्मनी में न्यायाधिकरण के मुख्यालय में इंटरनेशनल ट्रिब्यूनल फॉर द लॉ ऑफ द सी (ITLOS) के न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। प्रो. पटेल ने 1 अक्टूबर 2026 से शुरू होने वाले नौ साल के कार्यकाल के लिए यह प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय न्यायिक पद ग्रहण किया है,…
शिल्प समागम मेला 2026 का आयोजन 1 से 15 नवंबर तक नई दिल्ली के दिल्ली हाट में किया जाएगा
Spread the loveपंद्रह दिनों तक चलने वाला शिल्प समागम मेला 2026, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के INA स्थित दिल्ली हाट में 1 से 15 नवंबर, 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इस मेले का आयोजन केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा किया जा रहा है। ‘प्रकाश और परंपरा – ज्योति से ज्योति जलाएँ’ थीम पर आधारित यह आयोजन भारत के पारंपरिक हस्तशिल्प, त्योहारों की रोशनी और सांस्कृतिक विरासत का उत्सव मनाएगा। मेले में कारीगरों द्वारा बनाए गए उत्पाद, हस्तशिल्प बनाने के लाइव प्रदर्शन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएँगे। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शिल्प समागम मेला वंचित और जरूरतमंद समूहों तथा समुदायों को अपनी रचनात्मकता, प्रतिभा और पारंपरिक हस्तकला प्रदर्शित करने के लिए मंच प्रदान करने के मंत्रालय के प्रयासों का हिस्सा है। इसके साथ ही, यह मेला उनके उत्पादों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने और उनकी बिक्री के अवसर पैदा करता है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 से अब तक शिल्प समागम मेलों से 1,000 से अधिक कारीगरों को लाभ मिला है। अधिकारी ने बताया कि इस वर्ष पहली बार सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग (DoSJE) और दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग (DEPwD) संयुक्त रूप से शिल्प उत्सव का आयोजन करेंगे। भारत TULIP और पर्पल फेस्ट के अंतर्गत लगभग 150 स्टॉल लगाए जाएँगे। इस सहयोग के माध्यम से पारंपरिक कारीगरों, रचनात्मक प्रतिभाओं और समावेशी भागीदारी को एक साझा मंच पर लाया जाएगा। मंत्रालय के अधिकारी ने बताया कि मेले को सात विशेष क्षेत्रों में बाँटा जाएगा, जिनमें भारत की हस्तकलाओं, परंपराओं, खानपान और सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों को प्रदर्शित किया जाएगा। कला आँगन में हस्तशिल्प बनाने के लाइव प्रदर्शन होंगे; प्रकाश चौक में दीपक और रोशनी से जुड़ी वस्तुएँ प्रदर्शित की जाएँगी; पूजा पथ में धार्मिक उत्पाद प्रस्तुत किए जाएँगे; सजावट बाज़ार में घर की सजावट से जुड़ी वस्तुएँ होंगी; घराना में वस्त्र और फैशन से जुड़ी चीजें प्रदर्शित की जाएँगी; स्वाद चौक में विभिन्न खाद्य पदार्थ उपलब्ध होंगे; और मंच पर सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा प्रस्तुतियाँ आयोजित की जाएँगी। अधिकारी ने आगे बताया कि भारत TULIP (पारंपरिक कारीगरों की आजीविका को बढ़ावा देने का कार्यक्रम) एक ऐसी पहल है, जिसका उद्देश्य वंचित और जरूरतमंद समूहों द्वारा बनाए गए उत्पादों को ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से भारत और विदेशों के ग्राहकों तक पहुँचाना है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य आर्थिक सशक्तीकरण को बढ़ावा देना और भारत की पारंपरिक कलाओं तथा हस्तशिल्प को संरक्षित करना है। मंत्रालय के अधिकारी ने बताया कि पर्पल फेस्ट दिव्यांगजनों की प्रतिभा, रचनात्मकता और समान भागीदारी का उत्सव मनाने वाला एक बहुआयामी आयोजन है। इसमें दिव्यांगजन, विभिन्न संगठन, संस्थान, व्यवसाय, कलाकार, विशेषज्ञ और अन्य संबंधित लोग एक साथ आते हैं। इसका उद्देश्य दिव्यांगजनों की उपलब्धियों का उत्सव मनाना, उनकी भागीदारी को प्रोत्साहित करना और समावेशिता के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। शिल्प समागम मेला 2026 के माध्यम से मंत्रालय पारंपरिक कारीगरों और…
