भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा इंदौर–देवास बायपास पर यातायात को सुगम बनाने, प्रमुख जंक्शनों पर वाहनों का दबाव कम करने और सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए विभिन्न अवसंरचनात्मक कार्य किए गए हैं। एमआर-10, रालामंडल और अर्जुन बड़ौद फ्लाईओवर के शुरू होने से बायपास के प्रमुख जंक्शनों पर यातायात के संचालन में सुधार हुआ है। वहीं, राऊ सर्कल फ्लाईओवर भी इस मार्ग पर यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसके अतिरिक्त, रासलपुर जंक्शन सहित अन्य दुर्घटना संभावित स्थलों पर सुधार कार्यों के माध्यम से सुरक्षित और सुगम आवागमन को बढ़ावा दिया जा रहा है।
एमआर-10 जंक्शन फ्लाईओवर
इंदौर–देवास बायपास पर लगभग 1.8 किलोमीटर लंबे एमआर-10 जंक्शन फ्लाईओवर का निर्माण करीब ₹77 करोड़ की लागत से किया गया है। इसकी दोनों लेन 14 अक्टूबर 2026 को यातायात के लिए शुरू की गई है। एमआर-10 जंक्शन पर बायपास, शहर और सुपर कॉरिडोर की ओर जाने वाले वाहनों का एक साथ आवागमन होता है। फ्लाईओवर शुरू होने से मुख्य बायपास मार्ग के वाहनों को जंक्शन के स्थानीय यातायात से अलग होकर आगे बढ़ने की सुविधा मिली है। इससे वाहनों की कतारें कम करने, यातायात प्रवाह बेहतर बनाने और यात्रियों के यात्रा समय में बचत करने में मदद मिल रही है।

रालामंडल फ्लाईओवर
इंदौर–देवास बायपास पर रालामंडल जंक्शन पर लगभग 980 मीटर लंबे छह-लेन फ्लाईओवर का निर्माण करीब ₹24 करोड़ की लागत से किया गया है। इस पर दोनों दिशाओं में नियमित यातायात मई 2026 में शुरू हुआ। इससे बायपास से गुजरने वाले वाहनों के साथ इंदौर से तिल्लौर, तिंछा और खंडवा रोड की ओर जाने वाले यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिली है। रालामंडल जंक्शन को दुर्घटना संभावित स्थल के रूप में चिह्नित किया गया था। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2023 से 2025 के बीच यहाँ 10 दुर्घटनाओं में 11 लोगों की मृत्यु दर्ज की गई थी। फ्लाईओवर शुरू होने से मुख्य बायपास यातायात को जंक्शन के क्रॉस-ट्रैफिक से अलग स्तर पर गुजरने की सुविधा मिली है। इससे यातायात के परस्पर टकराव की आशंका कम करने और इस क्षेत्र में आवागमन को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद मिल रही है।
अर्जुन बड़ौद फ्लाईओवर
इंदौर–देवास बायपास पर अर्जुन बड़ौद में लगभग 1 किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर का निर्माण करीब ₹37 करोड़ की लागत से किया गया है। इस पर 11 मई 2026 को परीक्षण के तौर पर यातायात शुरू किया गया, जिसके बाद दोनों दिशाओं में वाहनों की आवाजाही प्रारंभ हुई।

फ्लाईओवर शुरू होने से पहले अर्जुन बड़ौद क्षेत्र में मुख्य मार्ग का यातायात सर्विस रोड से होकर गुजरता था। इससे वाहनों का दबाव बढ़ने के कारण कई बार जाम की स्थिति बन जाती थी। फ्लाईओवर शुरू होने से इंदौर से देवास तथा देवास से इंदौर की ओर जाने वाले वाहनों को जंक्शन पर सीधे आगे बढ़ने की सुविधा मिली है। इससे सर्विस रोड पर यातायात का दबाव कम करने और बायपास पर आवागमन को अधिक सुगम बनाने में मदद मिल रही है।
राऊ सर्कल फ्लाईओवर
इंदौर–देवास बायपास पर राऊ सर्कल में लगभग 1 किलोमीटर लंबे छह-लेन फ्लाईओवर का निर्माण करीब ₹30 करोड़ की लागत से किया गया है। फरवरी 2026 में पूरा फ्लाईओवर यातायात के लिए खोल दिया गया। राऊ सर्कल एक प्रमुख यातायात जंक्शन है, जहाँ से राऊ, पीथमपुर और खलघाट की ओर वाहन गुजरते हैं। इस जंक्शन को दुर्घटना संभावित स्थल के रूप में भी चिह्नित किया गया था। फ्लाईओवर शुरू होने से बायपास के वाहनों को जंक्शन के यातायात से अलग होकर गुजरने की सुविधा मिली है। इससे यातायात के बेहतर संचालन और प्रमुख मार्गों पर आवागमन को सुगम बनाने में मदद मिल रही है।
रसूलपुर जंक्शन फ्लाईओवर: निर्माण कार्य जारी
इंदौर–देवास राष्ट्रीय राजमार्ग-52 पर दुर्घटना संभावित रसूलपुर जंक्शन (तिराहे) पर सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से लगभग 1.133 किलोमीटर लंबे छह-लेन फ्लाईओवर का निर्माण कार्य तेजी से जारी है। ₹31.18 करोड़ की लागत वाली इस परियोजना में व्हीकुलर अंडरपास (VUP), एप्रोच रोड तथा सर्विस/स्लिप रोड का भी प्रावधान है। इन सुविधाओं से मुख्य मार्ग के यातायात और जंक्शन पर आने-जाने वाले वाहनों के आवागमन को बेहतर ढंग से संचालित करने में मदद मिलेगी। परियोजना का उद्देश्य यातायात के दबाव को व्यवस्थित करना, वाहनों के परस्पर टकराव की आशंका कम करना और इस क्षेत्र में सुरक्षित एवं सुगम आवागमन सुनिश्चित करना है।

ब्लैकस्पॉट सुधारों के जरिए सड़क सुरक्षा पर विशेष जोर
राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने के लिए NHAI द्वारा दुर्घटना संभावित स्थलों (ब्लैकस्पॉट) की पहचान और उनके सुधार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इन स्थलों पर दुर्घटनाओं के संभावित कारणों का आकलन कर यातायात की स्थिति, सड़क की संरचना और स्थानीय आवागमन की आवश्यकताओं के अनुरूप सुधारात्मक उपाय किए जाते हैं। इंदौर क्षेत्र में भी ब्लैकस्पॉट सुधार के तहत प्रमुख जंक्शनों पर यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए फ्लाईओवर जैसी अवसंरचनात्मक सुविधाएँ विकसित की गई हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य वाहनों के निर्बाध आवागमन को बढ़ावा देना, जंक्शनों पर यातायात के दबाव को व्यवस्थित करना तथा सड़क उपयोगकर्ताओं के लिए अधिक सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना है।
इसके अतिरिक्त, सड़क सुरक्षा को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कई अन्य ब्लैकस्पॉट सुधार परियोजनाओं की भी योजना बनाई गई है, जिन पर शीघ्र ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। NHAI द्वारा सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए राष्ट्रीय राजमार्गों पर दुर्घटना जोखिम कम करने और यातायात व्यवस्था में निरंतर सुधार के लिए कार्य किया जा रहा है।
